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शुक्रवार, 29 सितंबर, 2006 को 10:39 GMT तक के समाचार

अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी के श्रीनगर संवाददाता

भारत प्रशासित कश्मीर में हड़ताल

दिसंबर 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले के मामले में दोषी पाए गए मोहम्मद अफ़ज़ल को फाँसी की सज़ा सुनाए जाने के ख़िलाफ़ भारत प्रशासित कश्मीर में एक दिन की आम हड़ताल बुलाई गई है.

हड़ताल का आहवान अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के कट्टरपंथी गुट ने किया है और पूरे राज्य में दुकानें बंद हैं और यातायात प्रभावित हुआ है.

राजधानी श्रीनगर में दो जगह - मायसुमा और गौकाडाल में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस छोड़ी है और दस लोगों को हिरासत में लिया गया है.

मोहम्मद अफ़ज़ल भारत प्रशासित कश्मीर के रहने वाले हैं और उन्हें 20 अक्तूबर को फाँसी देने का न्यायिक आदेश सुनाया गया है.

राजनीतिक संगठन भी विरोध में

महत्वपूर्ण है कि कश्मीर के कई अलगाववादी संगठनों और कुछ राजनितक दलों ने भी मोहम्मद अफ़ज़ल को मृत्युदंड दिए जाने का विरोध किया है.

राज्य के मुख्य विपक्षी दल नेशनल कॉन्फ़्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला का कहना था कि उन्हें फ़ांसी दिए जाने से शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुँच सकता है.

उन्होंने इस फ़ैसले पर पुनर्विचार किए जाने का अनुरोध किया है.

भारत प्रशासित कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के उदारवादी गुट ने भी ऐसे ही विचार व्यक्त किए हैं.

इस संगठन के नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ का कहना था कि 21वीं सदी में फ़ांसी देना अमानवीय, अनैतिक और बर्बर काम है.

रिपोर्टों के अनुसार भारत प्रशासित कश्मीर के मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अनुरोध किया है कि वे राष्ट्रपति से माफ़ी दिलाने में मोहम्मद अफ़ज़ल की मदद करें.

लेकिन इन रिपोर्टों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है.