बुधवार, 27 सितंबर, 2006 को 11:01 GMT तक के समाचार
दिसंबर 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले के सिलसिले में दोषी पाए गए मोहम्मद अफ़ज़ल को फाँसी देने के निर्णय के विरोध में श्रीनगर सहित कश्मीर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं.
संसद पर हमले की साज़िश रचने और हमलावरों की मदद करने के दोषी पाए गए अफ़ज़ल को फाँसी दिए जाने की तारीख़ 20 अक्तूबर तय की गई है.
श्रीनगर के बादशाह और मैसूमा इलाक़ों में पुलिस को उग्र प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया.
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के वरिष्ठ नेता यासीन मलिक ने किया.
मलिक को पुलिस ने उनके कई समर्थकों सहित हिरासत में ले लिया.
मोहम्मद अफ़ज़ल के गृह नगर सोपोर से भी विरोध प्रदर्शन का समाचार मिला है.
पुलिस का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों के और ज़ोर पकड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
मोहम्मद अफ़ज़ल की वकील कामिनी जायसवाल ने पहले ही कहा है कि वे जल्दी ही राष्ट्रपति के समक्ष क्षमादान याचिका प्रस्तुत करेंगी.
मोहम्मद अफ़ज़ल से पहले सिर्फ़ एक कश्मीरी व्यक्ति को अलगाववादी हिंसा के आरोप में फाँसी दी गई है, जेकेएलएफ़ के संस्थापक मक़बूल बट्ट को 1984 में दिल्ली के तिहाड़ जेल में फाँसी की सज़ा दी गई थी.
मोहम्मद अफ़ज़ल को दिल्ली हाइकोर्ट ने फाँसी की सज़ा दी थी जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी मंज़ूरी की मुहर लगा दी है.