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मंगलवार, 26 सितंबर, 2006 को 18:44 GMT तक के समाचार

सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, कोलकाता

पश्चिम बंगाल में कार कारखाने का विरोध

पश्चिम बंगाल के सिंगूर इलाके में छोटी कारों का एक कारखाना स्थापित किए जाने के विरोध में मुख्य विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बैनर्जी सड़कों पर उतर आईं हैं.

ममता बैनर्जी ने पार्टी के अन्य नेताओं के साथ कोलकाता में विरोध-प्रदर्शन किया और सड़कें जाम करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि कारखाना लगाने के निर्णय का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा.

वजह यह है कि इस कारखाने के लिए साढ़े तीन हज़ार से भी अधिक किसानों की ज़मीन ली जा रही है और विरोध करने वालों का कहना है कि किसानों के विस्थापन की क़ीमत पर कारखाना नहीं लगने दिया जाएगा.

छोटी कारों का यह कारखाना देश के एक बड़े औद्योगिक घराने टाटा समूह की तरफ से लगाया जा रहा है.

वाम नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार के इस कारखाने को स्वीकृति देने का विपक्षी राजनीतिक दल विरोध कर रहे हैं और यह मुद्दा अब राजनीतिक रंग लेता नज़र आ रहा है.

तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने कहा कि कारखाना लगाने के विरोध में नौ अक्टूबर को पूरे राज्य में हड़ताल की जाएगी.

केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दास मुंशी ने कहा 'कांग्रेस पार्टी ने भी हड़ताल में हिस्सा लेने का निर्णय लिया है.

फैसला सही

सत्ताधारी वाम मोर्चे ने ममता बनर्जी के इस विरोध को ग़लत ठहराया है. राज्य सरकार ने अपने इस निर्णय से पीछे हटने से इनकार कर दिया है.

वाम मोर्चे के संयोजक बिमान बोस ने ममता पर आरोप लगाते हुए कहा, "पहले तो ममता ने सरकार पर यह कहकर हमला बोला था कि यह सरकार राज्य में निवेशकों को लाने में विफल रही है लेकिन जब निवेश हो रहा है तो विरोध कर रही हैं."

उधर प्रस्तावित कारखाने के लिए जिन 3600 किसानों से जमीन ली गई है उनमें से अधिकतर ने सत्ताधारी वामपंथी सरकार से मुआवज़ा लेने से इनकार कर दिया है.

मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने भी यह कारखाना लगाए जाने को उचित ठहराते हुए कहा, "इस परियोजना के चालू होने से राज्य में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा."

मंगलवार को सिंगूर में ज़िला प्रशासन की ओर से जब मुआवज़े के चेक बाँटे जा रहे थे तो ज़मीन के मालिकों ने चेक लेने से इनकार कर दिया और विरोधी दल के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया.

विरोध-प्रदर्शन को ख़त्म करने के लिए ज़िला प्रशासन को पुलिस बल का इस्तेमाल करना पड़ा.