मंगलवार, 26 सितंबर, 2006 को 11:38 GMT तक के समाचार
तेरह वर्ष पहले हुए मुंबई बम विस्फोटों में शामिल होने के आरोप में पश्चिमी मुंबई की एक आतंकवाद-निरोधी अदालत ने पाँच पुलिस वालों को दोषी ठहराया है.
कोर्ट के मुताबिक़ इन पुलिस वालों ने जानकारी होने के बावजूद अवैध हथियारों और गोला-बारूद को नहीं पकड़ा जिसकी वजह से खतरनाक सिलसिलेवार बम विस्फोटों को अंजाम दिया जा सका.
पुलिस वालों पर यह भी आरोप है कि इन लोगों ने सात लाख रुपए की घूस ली थी.
सरकारी पक्ष का कहना था कि हथियारों का जखीरा पाकिस्तान से आया था जिसे टाइगर मेनन के घर पहुंचा दिया गया था.
अब तक कोर्ट छह आरोपियों को बरी कर चुकी है जिनमें पुलिस के तीन जवान भी शामिल हैं.
कोर्ट ने पुख्ता सबूत न होने के कारण इन पुलिसवालों को बरी कर दिया लेकिन ये पुलिस के जवान आरोप लगने के तुरंत बाद नौकरी से निकाल दिए गए थे.
इन भयावह विस्फोटों में 250 से ज्यादा लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा घायल हुए थे.
कोर्ट ने इस मामले में अब तक 123 आरोपियों में से 18 आरोपियों को दोषी करार दिया है लेकिन इन दोषियों को अभी भी सजा नहीं सुनाई गई है.