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मंगलवार, 26 सितंबर, 2006 को 04:17 GMT तक के समाचार

राजीव खन्ना
बीबीसी संवाददाता, अहमदाबाद

भूखे को मिलेगा मुफ़्त खाना

गुजरात सरकार जगह जगह मुफ़्त रसोई घर चलाने के लिए सामाजिक संस्थानों की मदद ले रही है.

इसका मकसद संकट के समय भूखे लोगों को भोजन मुहैया कराना है.

राज्य सरकार ने इसके लिए ग़ैर सरकारी संस्थानों से संपर्क करना शुरु कर दिया है.

राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति सचिव एसके नंदा ने बताया, "इसका उद्देश्य संकट में फंसे लोगों तक मदद पहुँचाना है. कई धार्मिक और सामाजिक संस्थान पका पकाया मुफ़्त खाना देते हैं लेकिन लोगों को ये मालूम नहीं है कि कहाँ उन्हें इस तरह की सुविधा मिलेगी."

संकट के समय राहत

उन्होंने बताया कि सूरत में आई भारी बाढ़ के बाद 32 संस्थानों की मदद से प्रयोग के तौर पर मुफ़्त रसोई घर तैयार किए गए जो अभी भी लगभग 25 हज़ार लोगों को रोजाना भोजन मुहैया करा रहे हैं.

एसके नंदा कहते हैं, "हमने स्टेशन के निकट केंद्रीय दफ़्तर खोला है जहाँ टेलीफ़ोन कनेक्शन भी है. इससे जिन लोगों के घर बाढ़ से तबाह हो गए हैं और जिनको रसद नहीं मिल रही है, वे मदद ले सकते हैं."

राज्य सरकार मुफ़्त भोजन देने वाले संगठनों के बारे में सूचना इकठ्ठा कर रही है.

ज़रूरी आंकड़े उपलब्ध हो जाने के बाद कॉल सेंटर खोला जाएगा जिसका केंद्रीय मुख्यालय सूरत में होगा.

यह ज़रुरदमंद लोगों के साथ दोतरफ़ा संपर्क कायम रखने में मदद करेगा. साथ ही जो भूखे हैं या कुपोषण के शिकार हैं उन तक बना बनाया खाना पहुँचाने में मदद मिलेगी.