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शनिवार, 23 सितंबर, 2006 को 11:14 GMT तक के समाचार

नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर

चोरी करने के ज़ुर्म में अनोखी सज़ा

राजस्थान के लोगों में क़सूरवार को अपने ही हाथों से सज़ा देने की प्रवृत्ति बढ़ रही है.

राज्य की उद्योगनगरी कोटा में कथित चोरी के आरोप में लोगों ने एक युवक के शरीर पर "मैं चोर हूँ" लिख दिया और इसी हालत में उसे दो घंटे तक खंभे में बाँधे रखा.

पुलिस ने इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ़्तार किया है.

इससे पहले आदिवासी बहुल चितौड़गढ़ ज़िले में जाति पंचायत के सामने 50 लोगों को चोरी के आरोप में बेगुनाही साबित करने के लिए 'अग्निपरीक्षा' देनी पड़ी थी. इसमें इन सभी लोगों के हाथ जल गए थे.

पुलिस के अनुसार, "कुछ लोगों ने हरिप्रकाश नामक युवक को चोरी करते पकड़ लिया था. इन लोगों ने उसके शरीर पर "मैं चोर हूँ" लिख दिया और कोई दो घंटे तक इसी हालत में खंभे से बाँधे रखा. बाद में पुलिस के पहुँचने से पहले हरिप्रकाश को मुक्त कर दिया गया."

कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल टोंक ने कहा, "हरिप्रकाश की रिपोर्ट पर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ़्तार किया है. किसी को भी क़ानून के उल्लंघन का अधिकार नहीं है."

पुलिस ने हरिप्रकाश को भी कथित चोरी के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया है.

घटना

घटना के अनुसार कुछ लोगों ने स्थानीय किशोर सागर की बारहदरी पर यज्ञ और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया था. आयोजकों ने हरिप्रकाश को सामान की सुरक्षा के लिए काम पर रखा था.

आरोप है कि हरिप्रकाश ने किसी की पैंट से 2900 रुपए निकाल लिए. वह पकड़ा गया तो उसे बाँध दिया गया.

सार्वजनिक स्थल होने की वजह से दो घंटे तक राह गुजरते तमाशबीन उसे देखते रहे.

पुलिस कहती है कि हरिप्रकाश नशे का आदी है और पहले भी इस तरह के आरोपों का सामना करता रहा है. पर क्या किसी को प्रताड़ित करने का हक़ लोगों पर छोड़ा जा सकता है.