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शनिवार, 23 सितंबर, 2006 को 20:47 GMT तक के समाचार

'अंग्रेज़ी स्कूल बंद होंगे, पुनर्विचार नहीं'

कर्नाटक की सरकार ने कहा है कि वह अंग्रेज़ी माध्यम से पढ़ाई कराने वाले एक हज़ार से ज़्यादा स्कूलों को बंद करने के अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार नहीं करेगी.

राज्य सरकार ने कर्नाटक की राज्यभाषा - कन्नड़ को बढ़ावा देने वाली भाषा नीति का उल्लंघन कर अंग्रेज़ी माध्यम से पढ़ाई कराने वाले इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने का फ़ैसला किया था.

इससे प्रभावित होने वाले लगभग 50 हज़ार छात्रों में से अनेक छात्रों, उनके माता-पिता और स्कूलों के प्रबंधन ने सरकार से अपील की थी कि वह अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करे.

प्रभावित स्कूलों के प्रबंधन और कर्नाटक के प्राथमिक शिक्षा विभाग के बीच हुई बैठक के बाद अधिकारियों ने कहा कि यदि ये स्कूल मान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन देते हैं तो इस साल उन्हें कामकाज करने की इजाज़त दी जा सकती है.

'भाषा नीति लागू होगी'

राज्य के प्राथमिक शिक्षा मंत्री बासवाराज होराटी का कहना था कि सरकार दस अक्तूबर तक प्रभावित छात्रों को अन्य स्कूलों में दाख़िला लेने में मदद करेगी.

उनका कहना था कि इन निजि स्कूलों ने मान्यता कन्नड़ माध्यम से पढ़ाई कराने की ली थी लेकिन पढ़ाई वे अंग्रेज़ी माध्यम से करा रहे थे.

होराटी का कहना था कि सरकार स्कूलों में कन्नड़ को पढ़ाई का मुख्य माध्यम बनाने के बारे में दृढ़ संकल्प है.

वर्ष 1994 में पारित भाषा नीति के तहत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूलों में पाँचवीं कक्षा तक कन्नड़ माध्यम में ही पढ़ाई कराना अनिवार्य है.

प्रभावित स्कूलों में से एक स्कूल ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की है.

भारत की सूचना तकनीक (आईटी) राजधानी बंगलौर में ही 800 स्कूल प्रभावित हुए हैं.