भारत में पुलिस ने दावा किया है कि ग्यारह जुलाई को मुंबई में हुए बम धमाकों के लिए पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ज़िम्मेदार था.
स्थानीय रेलगाड़ियों में हुए सात धमाकों में 187 लोग मारे गए थे और अनेक घायल हो गए थे.
मुंबई पुलिस प्रमुख एएन रॉय का कहना था कि पुलिस को पर्याप्त सबूत मिले हैं जिन्हें देखकर संकेत मिलते हैं कि इस चरमपंथी संगठन का धमाकों से संबंध था.
उनके अनुसार इन्हें अंजाम देने के लिए स्थानीय चरमपंथियों का इस्तेमाल किया गया था.
'पाकिस्तान में मिला प्रशिक्षण'
महत्वपूर्ण है कि धमाकों की जाँच कर रहा आतंकवाद निरोधक दस्ता कुछ समय पहले इसी फ़ैसले पर पहुँचा था.
इस दल ने दस लोगों को गिरफ़्तार किया और दावा किया कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में इन लोगों को प्रशिक्षण दिया गया.
चाहे मीडिया में अल क़ायदा के इन धमाकों से संबंधित होने की रिपोर्टें आती रही हैं.
लेकिन मुंबई के पुलिस प्रमुख का कहना था कि उन्हें जानकारी नहीं है कि इसके पीछे अल क़ायदा का हाथ था.
मुंबई में वर्ष 1993 से धमाके होते आए हैं और वह चरमपंथियों के निशाने पर रहा है.