मुंबई में 1993 में हुए 12 धमाकों के मामले में मुंबई की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को दो और लोगों को दोषी क़रार दिया है.
ये लोग हैं दाऊद फ़ांसे और शरीफ़ पारकर. दाऊद 82 साल के हैं.
ग़ौरतलब है कि मुंबई में 12 मार्च, 1993 को हुए 12 धमाकों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक लोग घायल हो गए थे.
इस मामले में 123 अभियुक्तों के ख़िलाफ़ 13 साल से सुनवाई चल रही है. अभियुक्तों में हिंदी फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त भी हैं.
उन्हें 13 साल पहले गिरफ़्तार किया गया था और दो साल जेल में रहने के बाद उन्हें ज़मानत पर छोड़ दिया गया था.
फ़िलहाल इस मामले में 11 अभियुक्तों को दोषी पाया गया है और तीन को बरी कर दिया गया है.
तस्करी ही पेशा था
शुक्रवार को दोषी ठहराए गए दाऊद फ़ांसे और शरीफ़ पारकर को विस्फोटक आरडीएक्स, हथियार और असला महाराष्ट्र में लाने में भूमिका निभाने के कारण दोषी ठहराया गया है.
दाऊद फ़ांसे को मुख्य अभियुक्त दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन से मिलकर हथियार और असला लाने में मदद करने का दोषी पाया गया.
उन्हें मृत्युदंड भी मिल सकता है.
उधर शरीफ़ पारकर को हथियार चलाने के प्रशिक्षण देने के लिए जगह ढूँढने, हथियार पहुँचाने और तस्करी करने के लिए बैठक का आयोजन करने का दोषी पाया गया है.
लेकिन उन्हें षड्यंत्र रचने का दोषी नहीं पाया गया क्योंकि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि समुद्री जहाज़ के ज़रिए आने वाला सामान हथियार और विस्फोटकों का था.
रिपोर्टों के अनुसार ये दोनो ही लोग तस्कर थे जो कथित तौर पर दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन के लिए सोने और चाँदी की तस्करी करते थे.