गुरुवार, 21 सितंबर, 2006 को 21:04 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि अमरीका पर ग्यारह सितंबर 2001 को हुए हमलों के बाद अमरीका ने पाकिस्तान पर भीषण बमबारी करने की धमकी दी थी.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने ऐसा एक अमरीकी टीवी नेटवर्क सीबीएस को दिए एक इंटरव्यू में कहा है. ये इंटरव्यू रविवार को प्रसारित होना है.
वे आजकल अमरीका में हैं. महत्वपूर्ण है कि वे शुक्रवार को अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से मिलने वाले हैं और अमरीका ने गुरुवार को ही 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध' में सहयोग देने के लिए पाकिस्तान की प्रशंसा की थी.
उनका कहना था कि उस समय अमरीका के विदेश उपमंत्री रिचर्ड आर्मिटेज ने पाकिस्तान की गुप्तचर सेवा के निदेशक को दो विकल्प दिए थे.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का कहना है कि पाकिस्तानी गुप्तचर सेवा के निदेशक को कहा गया था - "या तो आप अमरीका के साथ सहयोग करें या फिर भीषण बमबारी का सामना करने और पाषाण युग में पहुँच जाने के लिए तैयार हो जाएँ."
'अपमानजनक'
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने सीबीएस टीवी को बताया, "ये बहुत ही अपमानजनक था. ये बहुत ही अशिष्ट टिप्पणी थी."
समाचार एजेंसियों का कहना है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि इसके बावजूद उन्होंने ज़िम्मेदारी दिखाई. उनका कहना था, "सोच-समझकर काम करना पड़ता है और राष्ट्र के हित में कार्रवाई करनी पड़ती है और मैने वही किया."
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के अनुसार आर्मिटेज ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि पाकिस्तान में अमरीका पर हुए हमलों के समर्थन में विचार व्यक्त करने वालों को ऐसा करने से रोका जाए.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का कहना था, "यदि कोई अपने विचार व्यक्त करता है तो हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक नहीं लगा सकते."
उन्होंने आरोप लगाया कि आर्मिटेज ने अफ़ग़ानिस्तान पर हमले के लिए पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाक़ो के सैनिक अड्डों के इस्तेमाल की माँग भी उठाई थी.
सीबीएस टीवी के अनुसार रिचर्ड आर्मिटेज ने इस शब्दावली का इस्तेमाल किए जाने का खंडन किया है लेकिन उन्होंने इस बात का खंडन नहीं किया कि पाकिस्तान को काफ़ी कड़े शब्दों में संदेश दिया गया था.