सोमवार, 18 सितंबर, 2006 को 12:29 GMT तक के समाचार
गुटनिरपेक्ष देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए क्यूबा गए भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ मिलकर आतंकवाद से निबटने के साझा रणनीति पर सहमति हुई है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नई रणनीति कारगर साबित होगी.
मनमोहन सिंह ने क्यूबा से रवाना होने के बाद विमान में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "मैं पहले भी कहा है कि हम अपने दोस्त तो बदल सकते हैं पर पड़ोसी नहीं. आपसी विश्वास एक दिन में पैदा नहीं होता. जनरल मुशर्रफ़ पाकिस्तान के शासक हैं और हमें उनसे बातचीत करने का नया ढंग अपनाना होगा."
पाकिस्तानी राष्ट्रपति से हुई मुलाक़ात के बारे में उन्होंने कहा, "हम दोनों ने यह तय किया कि हम आतंकवाद का मुकाबला मिलकर करेंगे. मेरा मानना है कि यह एक नई शुरुआत है. जो भी रणनीति होगी उससे दोनो देशों में आपसी विश्वास बढ़ेगा. मौजूदा हालत से निपटने के लिए सबसे बेहतर तरीका यही है कि भविष्य की रणनीति पर गंभीरता से काम किया जाए."
एक प्रश्न के उत्तर में भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति से उनकी बातचीत में "अमरीका के दबाव में नहीं हुई थी."
मनमोहन सिंह का कहना था कि जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के सवाल पर भी गंभीर चर्चा हुई, इस बारे में उन्होंने कहा, "ये भी तय हुआ कि कोई ऐसा समाधान खोजा जाए जो दोनो देशों को मान्य हो. सरक्रीक और सियाचिन पर भी बातचीत हुई."
मनमोहन सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति के साथ पिछली बैठक के मुकाबले यह बैठक ज्यादा सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई."
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे निकट भविष्य में पाकिस्तान की यात्रा पर जा सकते हैं, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि "पाकिस्तान यात्रा उपयुक्त समय पर होगी."
उन्होंने कहा, पाकिस्तान जाने में उन्हें कोई एतराज़ नहीं है "लेकिन उससे पहले कूटनीतिक स्तर पर काफी काम बाकी हैं. नए विदेश सचिव जल्द ही पाकिस्तानी विदेश सचिव से बातचीत शुरु करेंगे."
प्रधानमंत्री सोमवार को भारतीय समय अनुसार देर रात स्वेदश वापस आएँगे.