सोमवार, 18 सितंबर, 2006 को 17:05 GMT तक के समाचार
भारत के रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव केवल राजनीति ही नहीं प्रबंधन ज्ञान में भी अपनी पकड़ रखते हैं और इसका सबसे ताज़ा उदाहरण है सोमवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान(आईआईएम) अहमदाबाद में उनकी पाठशाला.
लालू प्रसाद विद्यार्थियों को प्रबंधन का ज्ञान देने अहमदाबाद पहुँचे और आईआईएम के क़रीब 70 विद्यार्थियों को अपने प्रबंधन ज्ञान से लाभान्वित किया.
वे अपने मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आईआईएम के प्रोफ़ेसर जी रघुराम के आमंत्रण पर वहाँ पहुँचे.
अहमदाबाद पहुँचे लालू प्रसाद ने 2004 में रेलमंत्री बनने के बाद से मंत्रालय में हुई प्रगति के बारे में विद्यार्थियों से बातचीत की.
तीन घंटे चले इस विशेष लेक्चर के बाद रेल मंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों के साथ बातचीत काफ़ी उपयोगी थी.
उन्होंने तो यह तक कह डाला कि यहाँ के विद्यार्थी रेलवे के कुछ अधिकारियों से भी कहीं ज़्यादा जानकारी रखते हैं.
विद्यार्थी भी खुश
लालू प्रसाद की इस पाठशाला से वहाँ के विद्यार्थी भी ख़ुश नज़र आए. बातचीत के बाद बाहर आए छात्रों ने बताया कि उनके साथ संवाद काफ़ी रोचक और अच्छे वातावरण में हुआ.
विद्यार्थियों ने बताया कि अपनी बातों और चुटकुलों से लालू ने पूरे माहौल को खुशनुमा बनाए रखा जिससे वो काफ़ी प्रभावित हुए.
विद्यार्थियों को रेल मंत्री लालू प्रसाद का जो जुमला सबसे ज़्यादा भाया वो था, "रेलवे देसी गाय नहीं, जर्सी (दुधारू नस्ल) गाय है."
बाद में पत्रकारों से बात करते हुए लालू प्रसाद ने बताया कि उन्होंने विद्यार्थियों की बताया कि किस तरह से रेलवे के संसाधनों का प्रयोग किसानों की मदद करने के लिए किया जा रहा है.
सुरक्षा और सावधानी को लेकर रेल मंत्री गंभीर दिखे और उन्होंने कहा कि इसके लिए एक ऐसा आदेश लाने पर विचार हो रहा है जिसके बाद केवल यात्री ही प्लेटफ़ॉर्म पर आएँगे. परिजनों को आने की इजाज़त तभी होगी जबकि यात्री बुज़ुर्ग या अपंग हो.