सोमवार, 18 सितंबर, 2006 को 10:04 GMT तक के समाचार
मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार धमाकों के मामले में टाडा अदालत ने सोमवार को दो और लोगों को दोषी क़रार दिया है.
टाडा अदालत ने मुंबई स्थित प्लाज़ा सिनेमा के पास हुए धमाकों के लिए असगर मुकद्दम और शाहनवाज़ कुरैशी को दोषी ठहराया है.
इन दोनों पर आरोप है कि 12 मार्च 1993 को दोपहर क़रीब तीन बजे ये लोग एक वैन लेकर मुंबई के दादर इलाके में स्थित प्लाज़ा सिनेमा परिसर में गए थे जिसमें आरडीएक्स भरा हुआ था.
इस वैन में हुए धमाके की वजह से क़रीब 10 लोगों की जानें गई थीं जबकि 37 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे.
दोनों अभियुक्तों के नाम उस सूची में शामिल हैं जो इन धमाकों के लिए सीधे तौर पर ज़िम्मेदार ठहराए गए हैं.
इन अभियुक्तों में से एक मुकद्दम के बारे में बताया जाता है कि वो टाइगर मेमन की एक कंपनी में काम करता था.
इससे पहले टाडा की विशेष अदालत ने पिछले हफ़्ते मंगलवार को मेमन परिवार के चार सदस्यों (याकूब मेमन, ईसा मेमन, युसुफ़ मेमन और रूबीना मेमन) को दोषी करार दिया था.
इस परिवार के जिन लोगों को बरी कर दिया गया था वे हैं, सुलेमान मेमन, हनीफ़ा मेमन और राहिला मेमन. अदालत ने कहा है कि दोषी करार दिए गए लोगों को बाद में सज़ा सुनाई जाएगी.
फ़ैसले
इन दोनों को मिलाकर अभी तक सात लोगों को 1993 के मुंबई धमाकों को दोषी ठहराया जा चुका है.
अदालत ने अभियुक्तों की बड़ी संख्या को देखते हुए उन्हें आठ-आठ के समूह में बाँट कर बारी-बारी से फ़ैसला सुनाने का निर्णय लिया है.
इस मामले के 123 अभियुक्तों के ख़िलाफ़ एक दशक से अधिक समय तक सुनवाई चली.
ग़ौरतलब है कि मुंबई में 12 मार्च, 1993 को सिलसिलेवार रूप से हुए 12 बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से अधिक लोग घायल हो गए थे.
इस मामले में एक दशक से अधिक समय तक सुनवाई चली और 686 गवाह पेश हुए और क़रीब दस हज़ार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी.