रविवार, 17 सितंबर, 2006 को 11:59 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश की एक अदालत ने देश के पूर्व तानाशाह और राष्ट्रपति जनरल हुसैन मोहम्मद इरशाद को भ्रष्टाचार के एक मामले में बरी कर दिया है.
इस फ़ैसले को सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जनरल इरशाद की जातीय पार्टी के बीच गठबंधन का रास्ता साफ़ होने से जोड़कर देखा जा रहा है.
बांग्लादेश में अगले साल की शुरुआत में आम चुनाव होने हैं. राजधानी ढाका में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक अदालत ने ये फ़ैसला सुनाया.
जनरल इरशाद के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार का ये मामला उस समय का है जब वे सत्ता में थे. उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने समर्थकों को ग़ैर क़ानूनी रूप से ज़मीनें बाँटीं थी.
प्रभाव
जानकारों का मानना है कि इस फ़ैसले के बाद पूर्व तानाशाह का प्रभाव बढ़ सकता है. 1980 के दशक में जनरल इरशाद का बांग्लादेश पर शासन था.
1990 में उन्हें हटा दिया गया और फिर उन्हें जेल भी जाना पड़ा. हालाँकि अपनी जातीय पार्टी के दम पर जनरल इरशाद का भाग्य भी बदलता रहा.
इस समय उनकी जातीय पार्टी दूसरी बड़ी विपक्षी पार्टी है और आने वाले चुनावों में इसकी अहम भूमिका हो सकती है.
माना जा रहा है कि सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी जनरल इरशाद की जातीय पार्टी के साथ गठबंधन की कोशिश कर रही है.
पिछले महीने भी जनरल इरशाद को तीन अन्य मामलों में दोषमुक्त कर दिया गया था. हालाँकि अभी उनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के अन्य कई मामले चल रहे हैं.