शनिवार, 16 सितंबर, 2006 को 05:10 GMT तक के समाचार
गुटनिरपेक्ष देशों के सम्मेलन के दौरान राष्ट्राध्यक्षों को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने उम्मीद जताई है भारत और पाकिस्तान का नेतृत्व इस ऐतिहासिक अवसर का फ़ायदा उठाकर दक्षिण एशिया में तनाव और संघर्ष के अध्याय को पीछे छोड़ देंगे.
महत्वपूर्ण है कि शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की मुलाकात से पहले राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने ऐसा कहा है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पहले ही कह चुके हैं कि सीमित समय में आतंकवाद समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी.
उधर राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने उम्मीद जताई है कि बैठक से कोई ठोस नतीजा निकलेगा.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने अपने संबोधन में कहा, "पाकिस्तान ईमानदारी से शांति और सहयोग बढ़ाने के प्रयास कर रहा है. भारत के साथ तीन साल चली कोशिशों से लोगों में विश्वास बढ़ा है. हम शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और जम्मू-कश्मीर समेत सभी मुद्दों का हल ढूँढने के लिए दृढ़ संकल्प हैं."
अंतरराष्ट्रीय मामलों पर बोलते हुए राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा, "हमारी रणनीति आतंकवाद को इस्लाम से जोड़कर देखने के रवैए का विरोध करने की होनी चाहिए.
उनका कहना था, "मुसलमानों के साथ भेदभाव का भी विरोध करना होगा जिससे पश्चिमी देशों और इस्लामिक जगत के बीच की दूरी और बढ़ रही है."
महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने भाषण में पाकिस्तान और भारत के रिश्तों या विवादों का कोई विशेष ज़िक्र नहीं किया.