शनिवार, 16 सितंबर, 2006 को 11:39 GMT तक के समाचार
शाहज़ेब जिलानी
बीबीसी संवाददाता, हवाना से
पाकिस्तान ने कहा है कि वह भारत के साथ रिश्ते सुधारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है लेकिन दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में वास्तविक सुधार कश्मीर विवाद सुलझाने की दिशा में आगे बढ़े बिना कठिन है.
शनिवार को क्यूबा में भारतीय प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह और पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की मुलाकात से पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत एक बार फिर शांति वार्ता शुरु करने के लिए तैयार हो जाएगा.
उधर क्यूबा की राजधानी हवाना में मनमोहन सिंह और पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की भेंट को लेकर काफ़ी उम्मीदें हैं. दोनों नेताओं ने हवाना में गुटनिरपेक्ष सम्मेलन के दौरान बातचीत करनी है.
उन्होंने कहा, "अब यह ज़रूरी हो गया है कि दोनों देश कश्मीर विवाद पर वार्ता प्रक्रिया को संघर्ष प्रबंधन से लड़ाई सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ाएँ."
फ़िलहाल अधिकारी यह कहने को तैयार नहीं हैं कि यह मुलाकात शनिवार को किस वक्त होगी.
तैयारी
दोनों तरफ़ के अधिकारी दोनों नेताओं की मुलाकात को दौरान उठने वाले मुद्दों पर अपनी-अपनी तैयारी में जुटे रहे.
इससे पहले मनमोहन सिंह और परवेज़ मुशर्रफ़ दोनों ही मुलाकात के दौरान ठोस बातचीत की उम्मीद जता चुके हैं.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी ने कहा कि पिछले तीन साल के दौरान दोनों देश विश्वास बहाली उपायों के ज़रिए संबंध समान्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे थे.
ख़ुर्शीद महमूद कसूरी ने कहा, "अब यह ज़रूरी हो गया है कि दोनों देश कश्मीर विवाद पर वार्ता प्रक्रिया को संघर्ष प्रबंधन से लड़ाई सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ाएँ."
उनका कहना था कि पिछले दस वर्षों में पहली बार कश्मीरी लोगों और अलगाववादी नेताओं को नियंत्रण रेखा के पार यात्रा की अनुमति मिली. व्यापार और सांस्कृतिक क्षेत्र में सहयोग की दिशा में भी दोनों देश आगे बढ़ रहे थे.