शनिवार, 16 सितंबर, 2006 को 13:53 GMT तक के समाचार
अमरीकी सेना ने शनिवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में गठबंधन सेना ने देश के दक्षिणी-पूर्वी इलाक़ों में तालेबान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ एक नया बड़ा अभियान छेड़ा है.
इसे ऑपरेशन माउंटेन फ़री का नाम दिया गया है जिसमें अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन के लगभग तीन हज़ार सैनिकों के साथ-साथ लगभग चार हज़ार अफ़ग़ान सुरक्षाकर्मी भाग ले रहे हैं.
अमरीकी सेना ने कहा है कि इस अभियान का उद्देश्य पूर्वी प्रांतों में सक्रिय तालेबान चमरपंथियों पर लगातार दबाव बनाए रखना है. यह इलाक़ा पाकिस्तानी सीमा से मिलता है.
नैटो के नेतृत्व वाली सेना अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी इलाक़ों में भी तालेबान लड़ाकों से भीषण लड़ाई का सामना कर रही हैं लेकिन अमरीकी सेना नैटो के कमांड में नहीं है.
अमरीकी सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस नए अभियान की कई सप्ताह से तैयारी की जा रही थी लेकिन इसे शनिवार को ही शुरू किया गया है.
इस अभियान के तहत पूर्वी प्रांतों - पक्तिका, ख़ोस्त और पक्तिया के साथ-साथ ग़ज़नी और लोगार प्रांतों में भी सैनिक तैनात किए गए हैं.
सेना का कहना है कि इस अभियान के तहत सैनिक सुरक्षा बहाल करने के साथ-साथ विकास और पुनर्निर्माण परियोजनाएँ भी चलाएंगे.
तालेबान की गतिविधियों में हाल के महीनों में बढ़ोत्तरी को देखते हुए अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नैटो सेना के कमांडरों ने वहाँ लगभग ढाई हज़ार अतिरिक्त सैनिक तैनात किए जाने की मांग की है.
काबुल में बीबीसी संवाददाता एलेस्टेयर लीथहैड का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान पर 2001 में अमरीकी नेतृत्व में हमले के बाद से पिछला साल सबसे ज़्यादा हिंसक बीता है.
देश के दक्षिणी और पूर्वी इलाक़ों में जब-तब काफ़ी भीषण लड़ाई होती रहती है और इस लड़ाई में अक्सर हत्याएँ, स्कूलों को जलाया जाना और सड़क के किनारे होने वाले बम विस्फोट भी शामिल होते हैं.