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गुरुवार, 14 सितंबर, 2006 को 17:05 GMT तक के समाचार

पिछड़ी जाति में शादी करने पर इनाम!

भारत सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि जो लोग हिंदुओं में अत्यंत पिछड़ी जातियों के सदस्य को जीवन साथी चुनेंगे, उन्हें पचास हज़ार रुपए का इनाम दिया जाएगा.

केंद्र सरकार में सामाजिक न्याय की मंत्री मीरा कुमार का कहना है कि ऐसा प्रस्ताव इसलिए रखा गया है कि समाज में जाति के आधार पर भेदभाव को समाप्त किया जा सके.

मीरा कुमार ने बीबीसी को बताया, "मेरी इस प्रस्ताव में बहुत दिलचस्पी है और मैं चाहती हूँ कि सभी राज्यों की सरकारें इसमें मेरा समर्थन करें. यदि कोई व्यक्ति इस जाति के आधार पर बँटे हुए समाज में दीवारें गिराता है और अपनी जाति से बाहर जाकर शादी करता है तो उसकी प्रशंसा होनी चाहिए और उसका उदाहरण दिया जाना चाहिए."

भारत में कई राज्यों में अनुसूचित जातियों के सदस्यों से शादी रचाने वालों को पहले से कुछ न कुछ इनाम देने का प्रावधान है.

पर्यवेक्षकों का कहना है कि अलग-अलग जातियों के सदस्यों के बीच शादी का भारत के अधिकतर हिस्सों में, विशेष तौर पर ग्रामीण इलाक़ो में, विरोध होता है.

कई जगह तो ऐसा करने पर शादी करने वालों के परिवार वाले और रिश्तेदार भी उनका सामाजिक बहिष्कार करते हैं.

दिल्ली स्थित एक समाजशास्त्री राधिका चोपड़ा का कहना है कि पचास हज़ार कोई बहुत बड़ी रकम नहीं है लेकिन हो सकता है इससे लोगों को घर बसाने में मदद मिले.

उनका कहना है, "सरकारों का बड़ा सीधा-सादा रवैया है. उनका मानना है कि माली प्रलोभन हमेशा काम करता है. इससे पहले इससे परिवार नियोजन और भ्रूण हत्या के मामलों में नतीजे मिले हैं. "