मंगलवार, 12 सितंबर, 2006 को 06:54 GMT तक के समाचार
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है पाकिस्तान सीमा-पार आतंकवाद रोकने में नाकाम रहा है. उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को मुशर्रफ़ के समक्ष उठाएँगे.
ग़ौरतलब है कि दोनों नेताओं के बीच क्यूबा के हवाना में गुटनिरपेक्ष सम्मेलन के दौरान मुलाक़ात होने की संभावना है.
समाचार एजेंसियों के मुताबिक डॉ मनमोहन सिंह ने ब्राजील जाते समय विशेष विमान में पत्रकारों से कहा, "देश में आतंकवाद फैलाने में विदेशी तत्वों की क्या भूमिका है, इस पर मैं जनरल मुशर्रफ़ से बात करुंगा."
उन्होंने कहा, "हम सभी मसलों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे. ख़ास कर भारत के ख़िलाफ़ आतंकवादी हमलों में अपनी सरजमीं का इस्तेमाल नहीं होने देने के पाकिस्तानी वादे पर भी चर्चा होगी. इसमें पाकिस्तान के नियंत्रण वाला जम्मू-कश्मीर का हिस्सा भी शामिल है."
विस्तृत बातचीत
डॉ मनमोहन सिंह ने कहा कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति के साथ उनकी बातचीत में आपसी संबंधों के सभी पहलु शामिल होंगे.
उन्होंने कहा, "हमें किसी भी विषय पर बातचीत करने से परहेज नहीं है."
प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारा रुख़ बिल्कुल साफ़ है. आज आतंकवाद दोनों देशों के लिए ख़तरा है. इसलिए मैं मानता हूँ कि दोनों देशों को जनवरी और सितंबर 2004 और अप्रैल 2005 में जारी किए गए साझा बयान के मुताबिक मिलकर यह विश्वास कायम करना चाहिए कि दोनों ही आतंकवाद से निपटने के प्रति संजीदा हैं."
डॉ मनमोहन सिंह ब्राजील यात्रा के बाद 14 सितबंर की शाम क्यूबा पहुँचेंगे जहाँ गुटनिरपेक्ष देशों का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया है.
पिछली बार भारतीय प्रधानमंत्री और पाकिस्तानी राष्ट्रपति सितंबर 2005 में न्यूयॉर्क में मिले थे.
इस वर्ष जुलाई में मुंबई के लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद दोनों देशों के बीच जारी शांति वार्ता स्थगित हो गई थी.