मंगलवार, 12 सितंबर, 2006 को 23:28 GMT तक के समाचार
भारत और ब्राज़ील ने प्रौद्योगिकी और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों के क्षेत्र में सहयोग के समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं.
ये समझौते प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ब्राज़ील की यात्रा के दौरान हुए.
ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डीसिल्वा ने कहा कि दुनिया की नई व्यवस्था को देखते हुए भारत के साथ रिश्तों को और मज़बूत करने की आवश्कता महसूस हुई.
दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति थाबो एम्बेकी भी बुधवार को ब्राज़ील पहुँच रहे हैं और उसके बाद तीनों नेता आपसी अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के संबंध में बातचीत करेंगे.
तीनों नेताओं की इस शिखर वार्ता के लिए सन् 2003 में सहमति हुई थी.
ब्राजील रवाना होते समय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उम्मीद जताई थी कि उनकी यात्रा से ब्राज़ील और भारत के संबंध और गहरे होंगे.
अहम बातचीत
भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं की बुधवार को शिखर बैठक होगी. इस वार्ता में व्यापार, जैव ईंधन और सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा होगी.
लगभग 38 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की यात्रा के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली ब्राज़ील यात्रा है.
पिछले कई वर्षों में व्यापार और कृषि जैसे कई मुद्दों पर भारत और ब्राज़ील के बीच सहयोग बढ़ा है और विश्व व्यापार संगठन में पश्चिमी देशों की सब्सिडी के मामले पर दोनों देशों ने मिलकर विकासशील देशों का नेतृत्व किया है.
भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ़्रीका अपने-अपने महाद्वीपों के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश हैं और तीन वर्ष पहले इन तीनों देशों के बीच इस गुट की स्थापना हुई थी.
इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय पटल पर इस गुट को एक नई शक्ति के रूप में सामने लाना था.