http://www.bbcchindi.com

मंगलवार, 12 सितंबर, 2006 को 12:17 GMT तक के समाचार

आज भी पहुँच से बाहर है दाऊद इब्राहीम

दाऊद इब्राहीम. यह वो नाम है जो भारत की अपराधियों की सूची में सबसे पहले आता है पर वर्षों की कोशिश के बाद आज भी पहुँच से बाहर है.

माफ़िया सरगना दाऊद और उसके भाई अनीस इब्राहीम पर आरोप है कि इन दोनों भाइयों ने मिलकर 1993 के मुंबई बम धमाकों का खाका तैयार किया. इन धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे.

भारतीय अधिकारियों का कहना है कि 51 वर्षीय दाऊद फिलहाल पाकिस्तान में रह रहा है और उसके अल क़ायदा और लश्करे तैबा, दोनों ही चरमपंथी संगठनों से ताल्लुक हैं.

भारत सरकार की ओर से पाकिस्तान से लगातार इस बात की माँग होती रही है कि दाऊद को भारत को सौंप दिया जाए. हालांकि पाकिस्तान देश में दाऊद की मौजूदगी से इनकार करता रहा है.

दाऊद को अमरीका एक आतंकवादी मानता है और इसी के मद्देनज़र अमरीका ने दाऊद के नाम को वर्ष 2003 में ही आतंकवादियों की अंतरराष्ट्रीय सूची में शामिल कर दिया था.

अमरीका ने यह भी आरोप लगाया है कि दाऊद के काले कारोबार के हाथ ब्रिटेन और पश्चिमी यूरोपीय देशों तक फैले हैं और वो इन देशों में भी नशीले पदार्थों की तस्करी करता रहा है.

अमरीका का यह भी कहना है कि 1990 के दशक के आख़िरी वर्षों में दाऊद अफ़ग़ानिस्तान भी गया और उसके अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन से भी ताल्लुक रहे हैं.

पृष्ठभूमि

पूर्वी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ ज़िले में एक पुलिस कांस्टेबल के घर जन्मे दाऊद ने अपना क्षेत्र छोड़कर मुंबई का रुख़ किया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा.

पुलिस बताती है कि मुंबई आकर दाऊद ने करीम लाला नाम के एक माफ़िया सरगना के लिए लोगों की हत्याएं करने का काम किया.

मुंबई में ज़ुर्म की दुनिया में अपनी पैठ बनाते-बनाते दाऊद मुंबई का सबसे बड़ा माफ़िया सरगना बन गया और अंडरवर्ल्ड की दुनिया उसे डॉन कहकर पुकारने लगी.

1980 के दशक और 1990 के शुरुआती वर्षों में दाऊद ने देह व्यापार, जुंए और नशीले पदार्थों के कारोबार जैसे कामों को अपनी आमदनी का ज़रिया बनाया.

इसके बाद क़ानून के शिकंजे से ख़ुद को महफ़ूज़ रखने के मकसद से 1986 में दाऊद दुबई चला गया पर मुंबई में उसका कारोबार और प्रभाव फिर भी बना रहा.

यहाँ तक कि मुंबई फ़िल्म उद्योग में भी उसके दखल और पैसा कमाने की बातें सामने आती रही हैं. बताया जाता है कि उसने कई फ़िल्मों में पैसा लगाया और इन फ़िल्मों के लिए कई अभिनेताओं से काम कराया.

भारत की शीर्ष जाँच एजेंसियाँ बताती हैं कि अपनी पहचान को छिपाने के लिए दाऊद अपने जैसे 13 हमशक्लों को इस्तेमाल करता है.

केद्रीय जाँच ब्यूरो के मुताबिक दाऊद के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी, फिरौती और जालसाज़ी के कई मामले दर्ज है.