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सोमवार, 11 सितंबर, 2006 को 16:42 GMT तक के समाचार

काबुल में कोका कोला की वापसी

कोका-कोला ने बड़ी चमक-दमक के साथ वर्षों बाद अफ़गानिस्तान की राजधानी का़बुल में वापसी की है.

एक दशक पहले गृह युद्ध के दौरान कोका-कोला का बॉटलिंग प्लांट गोलाबारी की चपेट में आकर तबाह हो गया था.

काबुल के बग़रामी इंडस्ट्रियल एरिया के 60 हज़ार वर्ग मीटर में लगाई गई नई इकाई में 350 लोगों को रोज़गार मिला है.

कोका-कोला ने अफ़ग़ानिस्तान में ढाई करोड़ पाउंड (लगभग 200 करोड़ रूपए) का निवेश किया है.

रविवार को आधुनिक प्लांट के उदघाटन के मौक़े पर अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा कि यह निवेश देश की अर्थव्यवस्था के विकास और देश के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण क़दम है.

मतभेद

लेकिन ऐसा नहीं है कि अफ़ग़ानिस्तान के सभी लोग राष्ट्रपति से सहमत हों, मिसाल के तौर पर काबुल में रहने वाले जुमा गुल का कहना है कि धनराशि शीतल पेय बनाने के लिए नहीं बल्कि अस्पताल और स्कूल बनाने के लिए ख़र्च की जानी चाहिए.

अफ़ग़ानिस्तान सरकार को आशा है कि कोका-कोला के कामकाज शुरू करने के बाद दूसरी बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ भी अफ़ग़ानिस्तान में पूंजी निवेश करने के लिए आकर्षित होंगी.

बीते कुछ महीनों में देश में विद्रोही ताकतें बढ़ी हैं. पिछले शुक्रवार काबुल में एक कार धमाके में 16 लोग मारे गए.

दुबई में रह रहे अफ़गान व्यवसायी हबीबुल्लाह गुलज़ार का कहना है कि वे ख़तरों को समझते हैं लेकिन वे चाहते हैं कि देश में पूंजी निवेश हो ताकि विकास और रोज़गार के अवसर पैदा हों.

वे कहते हैं, "वहाँ सुरक्षा की समस्या है लेकिन भविष्य सुनहरा है. उन्होंने यह भी कहा कि मेरी प्राथमिकता ये है कि हम अपनी प्रतिभा को कैसे बढ़ावा दे सकते हैं क्योंकि एक बार यदि देश में कारोबार आ गया तो अर्थव्यवस्था स्वतः ही विकसित होने लगेगी जो कि शांति-सुरक्षा स्थापित करने में महत्वपूर्ण साबित होगी."

शुरुआत में कंपनी का इरादा कोक के तीन मशहूर ब्रांड- कोका-कोला,फैंटा और स्प्राइट को अफ़गान बाज़ार मे उतारने का है.