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रविवार, 10 सितंबर, 2006 को 02:30 GMT तक के समाचार

विस्फोटों की जाँच के लिए समति गठित

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री आरआर पाटिल ने कहा है कि मालेगाँव में हुए बम विस्फोटों की घटना की जाँच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है.

पाटिल ने कहा कि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है विस्फोटों के पीछे किसका हाथ है.

इस बीच घटना की जाँच के लिए आतंकवाद निरोधक दस्ता मालेगाँव पहुँच गया है.

ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को नासिक ज़िले के मालेगाँव में तीन जगहों पर हुए धमाकों में 32 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.

धमाकों के बाद शहर में फैले तनाव को देखते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया था. लेकिन स्थिति सामान्य होता देख शनिवार को इसे उठा लिया गया.

उपमुख्यमंत्री ने बीबीसी के साथ बातचीत में स्वीकार किया कि पुलिस विभाग में कुछ ख़ामियाँ है.

उन्होंने कहा, "हमारे पास जो सूचनाएँ आती है वो पूरी तरह सही हो ज़रूरी नहीं है. हर जगह सौ प्रतिशत सुरक्षा मुहैया कराना मुश्किल है. लेकिन हम कोशिश कर सकत हैं."

सुरक्षा

मुबई से क़रीब 300 किलोमीटर पूर्वोत्तर में स्थित मालेगाँव में हुए इन धमाकों की किसी संगठन ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

विस्फोटों के लिए साइकिलों का इस्तेमाल किया गया था. वहाँ से बरामद की गई सामग्री फ़ोरेन्सिक जाँच के लिए भेजी गई है.

शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अर्द्धसैनिक बल गश्त लगा रहे हैं.

अंत्येष्टि

धमाकों में मारे गए लोगों को शनिवार को दफ़नाया दिया गया. वहाँ स्थिति सामान्य रहीं और किसी अप्रिय घटना की ख़बर नहीं है.

शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, गृह मंत्री शिवराज पाटिल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने घटनास्थल का दौरा किया था.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने कहा, "इस समय सबसे महत्वपूर्ण बात सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना है क्योंकि इन आतंकवादी घटनाओं का मकसद समाज में दरार पैदा करना था."

अमरीका और पाकिस्तान ने इस घटना की निंदा की है.