रविवार, 10 सितंबर, 2006 को 07:07 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन की एक चैरिटी संस्था ने चेतावनी दी है कि सूखे की वज़ह से फसलें नष्ट हो जाने के कारण अफ़ग़ानिस्तान में लाखों लोग भुखमरी के कगार पर पहुँच गए हैं.
'क्रिश्चियन एड' ने 66 गाँवों के सर्वेक्षण के बाद कहा है कि सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की सारी फ़सलें नष्ट हो चुकी हैं और उन्हें तुरंत मदद की जरूरत है.
संस्था ने ब्रिटश सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से उत्तरी और पश्चिमी अफ़ग़ानिस्तान में लोगों को भुखमरी से बचाने के लिए आर्थिक मदद देने की अपील भी की है.
अध्ययन के अनुसार हेरात प्रांत के बदग़िस और ग़ोर में पानी सूख चुका है. फ़रयाब प्रांत में गेहूँ की पैदावार 90 फ़ीसदी तक कम हुई है.
अपील
अफ़ग़ानिस्तान सरकार ने सूखे से निपटने के लिए मदद की अपील जारी की है, जिसके मुताबिक उसे इसके लिए तकरीबन 330 करोड़ रुपए की जरूरत है.
क्रिश्चियन एड के जॉन डेविसन का कहना है,‘‘ इस सप्ताह पूरी दुनिया 11 सितंबर 2001 को न्यूयॉर्क और वाशिंगटन में हुई घटना को ज़रूर याद करेगी. हम उनसे पाँच साल पहले अफ़ग़ानिस्तान में पड़े सूखे को भी याद करने को कहेंगे, जिसमें 50 लाख लोगों की जिंदगी संकट में फँस गई थी. ’’
सर्वेक्षण के अनुसार भुखमरी का सबसे अधिक ख़तरा बच्चों, गर्भवती महिलाओं, भूमिहीन परिवारों और बुजुर्गों पर है.
अफ़ग़ानिस्तान में क्रिश्चियन एड के सुल्तान मक़सूद फ़ैजल का कहना है कि अगले कुछ महीनों में स्थिति काफी गंभीर हो जाएगी.
क्रिश्चयन एड का कहना है कि हेरात, ग़ोर, फ़राह, बदग़िस और फ़रयेब के दस लाख से भी अधिक लोग सूखे से प्रभावित है.
ब्रिटेन के अंतर्राष्ट्रीय विकास विभाग ने रिपोर्ट को चिंताजनक बताया है. प्रवक्ता ने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुकाबले इसमें स्थिति को अधिक भयावह बताया गया है.’’