एक आत्मघाती हमलावर ने पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में पकतिया प्रांत के गवर्नर की हत्या कर दी है.
अफ़ग़ानिस्तान में पाँच साल पहले सत्ता परिवर्तन के बाद गवर्नर अब्दुल हकीम तानीवाल सबसे उच्चाधिकारी हैं जिनकी हत्या की गई है.
वे अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई के मित्र थे और तालेबान के सत्ता से निकाले जाने के बाद ये पद संभालने से पहले ऑस्ट्रेलिया में समाजशास्त्र के प्रोफ़ेसर थे.
राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि उन्हें गवर्नर तानीवाल की हत्या से बहुत दुख पहुँचा है.
ऑस्ट्रेलियाई नागरिक
संयुक्त राष्ट्र के सहायता अभियान के अध्यक्ष थॉमस ग्रेग का कहना था कि गवर्नर तानीवाल का सकारात्मक रवैया ही काफ़ी हद तक उनकी मौत का कारण बना.
उनका कहना था कि तानीवल बहुत ही परिश्रमी और ईमानदार थे और ऑस्ट्रेलियाई नागरिक होने के बावजूद वे अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निमाण में भाग लेने के लिए वहाँ गए थे.
उन पर उनके दफ़्तर के बाहर हमला हुआ. तालेबान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.
दक्षिण में कंधार प्रांत में नैटो और अफ़ग़ान फ़ौजों ने तालेबान के ख़िलाफ़ एक अभियान छे़ड़ रखा है.
इन फ़ौजों का कहना है कि उन्होंने शनिवार और रविवार हुई चार झड़पों में 94 चरमपंथियों को मार दिया है.
इस तरह एक हफ़्ते से पहले शुरु हुए इस अभियान में लगभग 400 लड़ाके मारे जा चुके हैं.