उत्तर अटलांटिक संधि संगठन-नैटो के सैन्य कमांडरों की पोलैंड में हुई एक बैठक में सदस्य देशों का आहवान किया गया है कि वे अफ़ग़ानिस्तान में तुरंत अतिरिक्त सैनिक और वे उपकरण भेजें जिनका उन्होंने अभी तक वादा किया है.
पोलैंड की राजधानी वारसा में शनिवार को हुई इस बैठक में यह सहमति हुई कि अफ़ग़ानिस्तान में हालात को देखते हुए और सैनिक तैनात करने की ज़रूरत है लेकिन किसी भी देश ने अतिरिक्त सैनिक भेजने के बारे में कोई विशिष्ठ वादा नहीं किया.
इस बैठक की अध्यक्षता करने वाले कनाडा के सैन्य कमांडर जनरल रे हेनॉल्ट ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में नैटो गठबंधन के पास जो कुछ होना चाहिए उसका लगभग 85 प्रतिशत फिलहाल वहाँ मौजूद है.
हेनॉल्ट ने कहा कि कि वह अफ़ग़ानिस्तान में स्थिति की गंभीरता के बारे में नैटो के मंत्रियों को सोमवार को विस्तृत जानकारी देंगे.
ग़ौरतलब है कि अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के लगभग 18 हज़ार सैनिक तैनात हैं. सैन्य कमांडरों का कहना है कि वहाँ लगभग ढाई हज़ार और सैनिक तैनात करने की ज़रूरत है.
इस बीच अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के नेतृत्व वाली सेना ने शनिवार को दक्षिणी हिस्से में जारी सैन्य कार्रवाई में 40 और तालेबान लड़ाकों को मारने का दावा किया.
उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) की ओर से बताया जा रहा है कि पिछले एक सप्ताह से उनकी ओर से चलाए जा रहे सैन्य अभियान में अब तक 300 तालेबान लड़ाके मारे जा चुके हैं.
यह ताज़ा संघर्ष कंधार प्रांत में हुआ है. घटना ऐसे वक़्त सामने आई है जब नैटो के सदस्य देश अफ़ग़ानिस्तान की ताज़ा स्थितियों को देखते हुए सैन्य कार्रवाई को गति देने के मुद्दे पर पोलैंड में विचार-विमर्श कर रहे हैं.
माना जा रहा है कि सेना के आला अधिकारियों की ओर से 2000 अतिरिक्त सैनिकों की माँग की जा सकती है.
इससे पहले नैटो के एक कमांडर जनरल ने सदस्य देशों से अनुरोध किया था कि वे दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान के सैन्य अभियान के लिए और सैनिक उपलब्ध कराएँ.