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शुक्रवार, 08 सितंबर, 2006 को 13:26 GMT तक के समाचार

लोगों से संयम बरतने की अपील

महाराष्ट्र के नासिक ज़िले के मालेगांव में शुक्रवार को एक मस्जिद के पास कम से कम तीन धमाके हुए हैं जिनके बाद स्थानीय विधायक शेख़ रशीद ने स्थानीय लोगों से संयम बरतने की अपील की है.

बीबीसी से बातचीत में शेख़ रशीद ने कहा कि स्थानीय विधायक भड़के हुए ज़रूर है लेकिन पुलिस ने उन्हें शांत करने की काफ़ी कोशिश की है.

शेख़ रशीद से भारतीय समय के अनुसार शाम पाँच बजे हुई बातचीत -

शेख़ रशीद से हुई बातचीत

जुमे की नमाज़ के बड़े क़ब्रिस्तान में एक ही साथ दो धमाके हुए और उसके पाँच मिनट बाद मुशावरत चौक में भी धमाका हुआ. तीस से पैंतीस के बीच लोग मारे गए हैं. और पचास से साठ लोग ज़ख़्मी हैं. हमारे लोग अस्पतालों में हैं और उन्होंने धमाकों के शिकार लोगों को अस्पताल पहुँचाया है. वहाँ लाशें पड़ी हैं और ज़ख़्मी लोगों का इलाज हो रहा है.

विस्फोट के कारणों के बारे में शेख़ रशीद ने कहा कि वजह तो पुलिस ही बता सकती है. जब धमाके हुए वो जुमे की नमाज़ का वक़्त था और आज मुसलमानों की बड़ी रात है जिसे शबे बरात कहा जाता है और इस रात मुसलमान रातभर नमाज़ पढ़ते हैं. इसलिए क़ब्रिस्तान में आम दिनों के मुक़ाबले ज़्यादा भीड़ थी. वहाँ क़रीब 15 से 20 हज़ार लोग थे. क्योंकि सब लोग क़ब्रों पर जाकर दुआएँ करते हैं.

ऐसे में आप क्या कर रहे हैं यह पूछे जाने पर शेख़ रशीद ने कहा कि जो मारे जा चुके हैं उन्हें तो कोई नहीं बचा सकता. जो लोग ज़ख़्मी हैं उन्हें सभी लोगों ने जल्द से जल्द अस्पताल पहुँचाया है और इसमें सभी धर्मों और जातियों का सहयोग मिला है और डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं.

सांप्रदायिक तनाव

ऐसी स्थिति में सांप्रदायिक दंगे भड़कने की आशंका होती है, तो आप क्या कर रहे हैं, इसके जवाब में शेख़ रशीद ने कहा कि ये काम और ज़िम्मेदारी तो पुलिस की है. हम आम लोगों से संयम बरतने की अपील करेंगे. पुलिस भी लोगों को शांत करने की कोशिश कर रही है. लोग भड़के हुए हैं. ऐसी स्थिति कहीं भी पैदा हो, लोग तो भड़कते ही हैं. पुलिस ने भी संयम से काम लिया है.