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बुधवार, 06 सितंबर, 2006 को 15:31 GMT तक के समाचार

रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

सिमी नेताओं पर से मुक़दमे हटे

स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के नेताओं के ख़िलाफ़ चल रहे मुक़दमे को वापस लेने के उत्तर प्रदेश सरकार के फ़ैसले को अदालत ने मंज़ूरी दे दी है.

सिमी एक प्रतिबंधित संगठन है और हाल में मुंबई में हुए बम धमाकों में उसके शामिल होने का संदेह पुलिस ने व्यक्त किया है.

सिमी अध्यक्ष शाहिद बद्र फलाही और उनके 11 साथियों पर देशद्रोह और सांप्रदायिकता भड़काने के आरोप में आपराधिक मुकदमा ग्यारह सितंबर 2001 को अमरीका में हुए आतंकवादी हमलों के बाद दर्ज किया गया था.

उस समय भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता में थी.

पुलिस का कहना था कि उसके पास सिमी नेताओं के विवादास्पद भाषणों के ऑडियो टेप और कुछ भड़काऊ पर्चे हैं.

सिमी नेता अपने ख़िलाफ़ देशद्रोह और सांप्रदायिकता भड़काने के आरोपों को ग़लत बताते रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इस साल जून महीने में सिमी नेताओं के ख़िलाफ़ मुकदमा वापस लेने का निर्णय किया था.

हालांकि केंद्र सरकार ने सिमी को आतंकवादी संगठन मानते हुए प्रतिबंधित कर रखा है. लेकिन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव कहते रहे हैं कि सिमी आंतकवादी संगठन नहीं है.

सिमी की स्थापना अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों ने 1977 में की थी उसका घोषित उद्देश्य भारत को इस्लामिक राष्ट्र में बदलना है और इसके लिए वह हिंसा या जोर जबर्दस्ती को गलत नहीं मानती.