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बुधवार, 06 सितंबर, 2006 को 02:09 GMT तक के समाचार

झारखंड में सरकार बनाने की कोशिशें तेज़

झारखंड में मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा सरकार से चार मंत्रियों के इस्तीफ़ा देने के बाद वैकल्पिक सरकार बनाने की कोशिशें तेज़ हो गईं हैं.

ग़ौरतलब है कि चार मंत्रियों के समर्थन वापसी के बाद अर्जुन मुंडा सरकार अल्पमत में आ गई है.

दूसरी ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन( एनडीए) नेता और मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने दावा किया है कि वो विधानसभा में बहुमत साबित कर देंगे.

ग़ौरतलब है कि निर्दलीय विधायक और मंत्री एनुस एक्का, हरिनारायण राय, मधु कोड़ा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कमलेश सिंह ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में अविश्वास जताते हुए सरकार से समर्थन वापस ले लिया था.

अब सबकी निगाहें राज्यपाल सिब्ते रज़ी पर लगी हैं कि वो क्या व्यवस्था देते हैं.

मंत्रियों के इस्तीफ़े के बाद पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल सिब्ते रज़ी ने कहा कि अब यह मामला संविधान और नियमों के अधीन विवेचना के लिए है और इस पर संसदीय परंपराओं को ध्यान में रखकर फ़ैसला लिया जाएगा.

इस बीच विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी ने बीबीसी को बताया कि मौजूदा राजनीतिक संकट का एकमात्र समाधान विधानसभा के भीतर से ही निकल सकता है.

उन्होंने कहा, "बोम्मई मामले में यह साफ़ हो चुका है कि बहुमत का फ़ैसला सदन में हो इसलिए यहाँ भी यही होना चाहिए."

राजनीतिक उठापटक

पिछले कई दिनों से दिल्ली में रुके तीनों निर्दलीय विधायक मंगलवार दोपहर बाद रांची पहुँचे और सीधे राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी को सरकार से समर्थन वापसी का पत्र सौंप दिया.

तीनों के साथ रांची में ही रुके एनसीपी विधायक कमलेश सिंह भी थे. चारों मंत्रियों ने अपना इस्तीफ़ा फैक्स के ज़रिए पहले ही राज्यपाल को भेज दिया था.

चारों मंत्रियों के इस्तीफ़े के बाद 82 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ एनडीए सरकार के समर्थक विधायकों की संख्या 43 से घट कर 39 रह गई है.

उल्लेखनीय है कि विपक्षी यूपीए खेमे में पहले से ही 39 विधायक हैं.

यूपीए के मुख्य घटक दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का कहना है कि उनके नेता शिबू सोरेन खुद मुख्यमंत्री बनने की होड़ में शामिल नहीं है लेकिन वैकल्पिक सरकार के गठन में कोई दिक्कत नहीं आएगी.