बुधवार, 06 सितंबर, 2006 को 18:10 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपतियों ने एक दूसरे से वादा किया है कि वे सीमा से चरमपंथियों की घुसपैठ रोकने के लिए एक दूसरे का सहयोग करेंगे.
काबुल के दौरे पर गए पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ ने कहा है कि 'आतंक और अतिवाद की विपत्ति से' पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान दोनों को मिलकर लड़ना होगा.
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई से चर्चा के बाद उन्होंने एक संयुक्त पत्रवार्ता में कहा कि दोनों देशों के बीच 'भाइयों जैसा' रिश्ता होना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि अफ़ग़ानिस्तान के इस आरोप के बाद कि 'सीमापार से संचालित किए जा रहे तालेबान हमलों को रोकने के लिए पाकिस्तान ने कुछ नहीं किया', दोनों देशों के बीच रिश्तों में खटास आ गई थी.
उधर अफ़ग़ानिस्तान के दौरे पर पहुँचे नैटो के महासचिव जाप-डी-हूप शेफ़र ने कहा है कि तालेबान के ख़िलाफ़ युद्ध में जीत ज़रुर होगी.
हाल के हफ़्तों में नैटो को अफ़ग़ानिस्तान में कई नुक़सान उठाना पड़ा है. अभी दक्षिणी प्रांत कंधार में नैटो की कार्रवाई चल ही रही है.
समझौते का स्वागत
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति करज़ई ने मंगलवार को पाकिस्तान से वज़ीरिस्तान में सरकार और क़बिलाई नेताओं के बीच हुए समझौते का स्वागत किया है.
माना जा रहा है कि इस समझौते से पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर तालेबान की गतिविधियों पर रोक लगेगी.
इससे पहले दोनों नेता इस बात पर आमने सामने रहे हैं कि चरमपंथ से किस तरह निपटा जाए.
लेकिन बुधवार को हूई चर्चा के बाद परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा, "यदि हम एक दूसरे पर भरोसा नहीं करेंगे तो आगे किस तरह बढ़ेंगे. तो रास्ता यही है कि शक को मार दिया जाए और एक दूसरे को दोष देना बंद कर दिया जाए."
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को वज़ीरिस्तान में क़बीलाई नेताओं के साथ हुए समझौते में कहा गया है कि वे अपने यहाँ से विदेशी चरमपंथियों को हटाएँगे और बदले में सरकार सीमा के इलाक़े में सेना की मौजूदगी को कम करेगी.