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मंगलवार, 05 सितंबर, 2006 को 12:49 GMT तक के समाचार

नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर

तोगड़िया के ख़िलाफ़ मामला वापस

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी सरकार ने विश्व हिन्दू परिषद के शीर्ष नेता प्रवीण तोगड़िया के ख़िलाफ़ त्रिशूल वितरण और राजद्रोह का मुकदमा वापस ले लिया है.

हालाँकि राज्य सरकार के इस फ़ैसले का विरोध होना शुरु हो गया है.

विपक्षी पार्टी कांग्रेस, मानवाधिकार संगठन और अल्पसंख्यक नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है.

विहिप नेता पर यह मुक़दमा पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन के दौरान तब दर्ज किया गया था जब उन्होंने 13 अप्रैल 2003 को त्रिशूल वितरण पर लगे प्रतिबंध की अवहेलना करते हुए अजमेर में सरकार को चुनौती दी थी.

तोगडिया को उनके भाषण के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया था और उन्हें नौ दिन जेल में गुजारने पडे.

उनके विरुद्ध राजद्रोह के अलावा भड़काऊ भाषण देने का भी मामला दर्ज किया गया था.

गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने बीबीसी से कहा, "सब कुछ नियमानुसार किया गया है. अभियोजन पक्ष ने मुक़दमे की अनुमति माँगी थी पर सरकार ने इसे नहीं माना."

कटारिया ने कहा, "ये मुक़दमा द्वेषवश बनाया गया था, चूँकि राज्य सरकार पहले ही त्रिशूल पर लगे प्रतिबंध को हटा चुकी है. ऐसे में इस मुक़दमे का कोई औचित्य नहीं है."

विरोध

पीपुल्स यूनियन फ़ॉर सिविल लिबर्टीज़ की प्रवक्ता कविता श्रीवास्तव कहती हैं, "यह कार्रवाई भाजपा के हिंदू एजेंडा क्रियान्वयन का हिस्सा है. हम कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर इसे चुनौती देंगे क्योंकि सरकार का यह क़दम अल्पसंख्यकों में भय पैदा करने वाला है."

राज्य कांग्रेस के उपाध्यक्ष रघु शर्मा ने कहा कि कॉंग्रेस इसका हर स्तर पर विरोध करेगी.

जमायते इस्लामी के अध्यक्ष सलीम इंजीनियर ने इसे हिंदू कट्टरवाद को प्रोत्साहित करने वाला बताया है.

दूसरी ओर समाज कल्याण मंत्री मदन दिलावर कहते हैं, "जो तोगड़िया का विरोध कर रहे हैं वे देश विरोधी हैं."

भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद अपने नेताओं के विरुद्ध 150 से ज़्यादा मुक़दमे वापस ले चुकी है. इनमें मौजूदा सरकार के तीन मंत्री भी शामिल हैं.