रविवार, 03 सितंबर, 2006 को 04:13 GMT तक के समाचार
भीषण वर्षा के चलते भारत प्रशासित कश्मीर बाढ़ की चपेट में है. स्थानीय अधिकारियों ने स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है.
इन स्कूलों को राहत शीविरों में तब्दील किया जाएगा.
झेलम और चनाब नदियों में आई बाढ़ के बाद कश्मीर घाटी भारत के अन्य भागों से कटी हुई है.
भूस्खनल के चलते जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय मार्ग लगातार तीसरे दिन भी बंद रहा. अधिकारियों ने आशंका जताई है कि कम से कम दो हज़ार लोग भारतीय कश्मीर में सड़कों पर फँसे हो सकते हैं.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री गुलाम नबी आज़ाद ने रविवार को कैबिनेट की बैठक पर स्थिति का जायज़ा लिया.
लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने के लिए सेना भी प्रशासन की मदद कर रही है.
श्रीनगर में करीब करीब छह गाँवों में बाढ़ का पानी भर गया है.
अधिकारियों का कहना है कि कई जगहों पर झेलम नदी खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर बह रही है.
अनंतनाग ज़िले में झेलम ख़तरे के निशान से सात फ़ीट ऊपर बह रही है और राजधानी श्रीनगर में स्थित राममुंशी बाग क्षेत्र में नदी ख़तरे के निशान से एक फ़ुट ऊपर बह रही है.
राजस्थान, उड़ीसा भी प्रभावित
भारत प्रशासित कश्मीर के अलावा, राजस्थान, उड़ीसा, मध्यप्रदेश राज्यों के कई ज़िले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.
समाचार एजेंसियों के अनुसार बाड़मेर में तबाही मचाने के बाद, राजस्थान के तीन अन्य ज़िले - कोटा, बारान और झालावाड़ भी बाढ़ की चपेट में हैं.
राज्य में बाढ़ के कारण 140 लोग पहले ही अपनी जान गँवा चुके हैं जिनमें से अधिकतर बाड़मेर ज़िले के हैं.
इन तीनों ज़िलों के निचले इलाक़ों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है.
चंबल नदी में कई जगह बाढ़ आ गई है और सेना को सतर्क रहने का आदेश दिया गया है. कोटा-इंदौर राज्यमार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है.
उधर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राजस्थान के बाढ़ प्रभावित इलाक़ो में मदद के लिए केंद्र सरकार की ओर से तत्काल सौ करोड़ रुपए देने की घोषणा की है.
दूसरी ओर उड़ीसा में महानदी कई जगह ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही है और पूरे राज्य में 12 ज़िले बाढ़ से प्रभावित हैं.
केंद्रपारा ज़िले में हालात बहुत खराब हैं और लगभग एक लाख लोग बाढ़ के पानी में फँसे हुए हैं.
समाचार एजेंसियों के अनुसार मुख्यमंत्री नवीन पटनायक रविवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं.