शनिवार, 02 सितंबर, 2006 को 04:24 GMT तक के समाचार
मुकेश शर्मा
बीबीसी संवाददाता
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के प्रमुख नेता मुज़फ्फर हुसैन बेग ने कहा है कि यदि उन्हें बहाना बनाकर, पीडीपी चाहती है कि कांग्रेस से गठबंधन तोड़ा जाए, तो वे पीडीपी को ऐसा बहाना नहीं बनाने देंगे.
बीबीसी की हिंदी सेवा के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं ये चाहता हूँ कि पीपुल्स डेमौक्रैटिक पार्टी पीडीपी-कांग्रेस गठबंधन चले. लेकिन यदि वे (पीडीपी नेतृत्व) चाहते हैं कि मेरा बहाना बनाकर गठबंधन को तोड़ा जाए - क्योंकि मेरा तो एक बहाना है, मैं असल वजह नहीं हूँ - तो मैं उनसे ये बहाना ले लूँगा."
पीडीपी की ओर से गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री बेग ने कहा कि वे अकेले नहीं हैं और 19 विधायकों के संपर्क में हैं और अपने सब सहयोगियों के साथ चर्चा के बाद, दो दिन के भीतर मंत्रिपद छोड़ने पर निर्णय लेंगे.
नाराज़गी का असल कारण
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में साझा सरकार चला रहे कांग्रेस-पीडीपी गठबंधन में हाल की कुछ घटनाओं के बाद तनाव पैदा हो गया है.
ऐसा तब हुआ जब पीडीपी ने सरकार में उपमुख्यमंत्री और अपनी पार्टी के विधायक दल के नेता मुज़फ्फर हुसैन बेग को विधायक दल के नेतृत्व से हटा दिया.
पर्यवेक्षकों के अनुसार राजनीतिक हलकों में ये चर्चा है कि बेग का कांग्रेस के मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद की ओर झुकाव है जो पीडीपी के पार्टी नेतृत्व को रास नहीं आ रहा.
बेग का कहना था, "ये विवाद ग़ैर-ज़रूरी था. दरअसल, पीडीपी ने मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद को अपने मंत्रियों के बारे एक सूची दी थी जो मंत्रियों के पदों से संबंधित थी. मुख्यमंत्री ने उस लिस्ट में एक तबदीली की. वो वित्त और प्लानिंग मेरे पास ही रखना चाहते थे. इस पर पीडीपी वाले नाराज़ हो गए."
उन्होंने बताया, "असल बात ये है कि हमारी पार्टी में कुछ लोग 'हार्डलाइनर' (कट्टरपंथी) हैं जो चाहते हैं कि गठबंधन सरकार में भी शामिल रहें और कांग्रेस के मुख्यमंत्री पर हमले भी करते रहें. मै इस नीति के हक में नहीं हूँ."
बेग का मानना है कि पीडीपी और कांग्रेस तभी कामयाब हो सकते हैं और अगले चुनाव में भी तभी कामयाब होंगी यदि वे सदभावना से एक दूसरे का साथ देंगे और गठबंधन के तौर पर अगला चुनाव लड़ेंगे.
इशारा महबूबा की ओर
जब उनसे पूछा गया कि 'हार्डलाइनर' (कट्टरपंथी) से क्या उनका इशारा पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती की ओर है, तो उनका कहना था, "मैं नाम नहीं लेना चाहता. कुछ और लोग भी कट्टरपंथी हैं."
उनका कहना था कि पीडीपी में कुछ 'हार्डलाइनर' (कट्टरपंथी) हैं जो चाहते हैं कि ग़ुलाम नबी आज़ाद की नीतियों की आलोचना हो.
बेग का कहना था कि कुछ अख़बारों में उनके बारे में ऐसा भी कहा गया कि कहीं वे अगले चुनाव में मुख्यमंत्री पद का दावे न हो जाएँ, लेकिन ऐसी कोई बात नहीं थी.
उनके ये कहने पर कि वे अकेले नहीं हैं और 19 विधायकों के संपर्क में हैं, उनसे पूछा गया कि यदि पीडीपी से अलग होने की नौबत आती है तो क्या वे और उनके सहयोगी कांग्रेस सरकार को समर्थन देंगे?
उनका कहना था, "मैं फ़िलहाल किसी ऐसे झगड़े में पड़ना नहीं चाहता. मैं चाहता हूँ कि किसी भी तरह ये गठबंधन चले."