शुक्रवार, 01 सितंबर, 2006 को 16:51 GMT तक के समाचार
सुनील रामन
बीबीसी संवाददाता
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ दो हफ़्ते बाद क्यूबा की राजधानी हवाना में मिलेंगे.
कई दिन की अनिश्चितता के बाद स्पष्ट हुआ है कि हवाना में गुटनिरपेक्ष सम्मेलन के दौरान दोनो नेताओं के बीच बातचीत होगी.
उम्मीद की जा रही है कि जुलाई के मुंबई बम धमाकों के कारण दोनो देशों के बीच बढ़े तनाव के बाद इस मुलाक़ात से रिश्ते कुछ सुधर सकते हैं.
सरकारी सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि दोनो देशों के अधिकारी इस बैठक के बारे में पिछले कुछ दिनों से चर्चा कर रहे हैं.
उच्चायुक्त भी मिले
पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान के भारत में उच्चायुक्त अज़ीज़ अहमद ख़ान इस बैठक के संदर्भ में भारतीय राजनयिकों से मिले हैं
एक भारतीय अधिकारी का कहना था कि पाकिस्तान को ये स्पष्ट कर दिया गया है कि इस बैठक में व्यवस्थित तरीक़े से बातचीत होनी चाहिए.
भारत ने ये भी बताया है कि इस समय भारत में जनमत पाकिस्तान के साथ वार्ता के पक्ष में नहीं है.
भारत ने इन धमाकों के लिए पाकिस्तान के साथ कथित तौर पर संबंध रखने वाले चरमपंथियों को दोषी ठहराया है.
लेकिन पाकिस्तान ने इसका ज़ोरदार खंडन किया था और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने यहाँ तक कहा था कि पाकिस्तान धमाकों की निंदा करता है और मुंबई की जनता के साथ खड़ा है.
जुलाई में दोनो देशों के विदेश सचिवों के बीच होने वाली बैठक भी इस तनाव के चलते कुछ दिन के लिए स्थगित कर दी गई थी.
भारत के राजनीतिक हलकों में एक पक्ष ये है कि इस मुलाकात से पाकिस्तानी राष्ट्रपति ध्यान बलूचिस्तान की समस्या से परे हटाने में कामयाब हो सकते हैं.
दूसरी ओर एक अधिकारी के अनुसार कुछ लोगों का ये भी मानना है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बात इस मामले में मानी गई है क्योंकि उनका कहना था कि बातचीत अनिश्चितकाल के लिए टाली नहीं जा सकती.