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बुधवार, 30 अगस्त, 2006 को 21:20 GMT तक के समाचार

श्रीलंका सेना पर 'हत्या' का आरोप

श्रीलंका के युद्धविराम पर्यवेक्षकों ने श्रीलंका सरकार पर फ़्रांसीसी स्वंयसेवी संस्था के लिए काम करनेवाले 17 स्थानीय कर्मचारियों की 'हत्या' का आरोप लगाया है.

पर्यवेक्षकों का कहना है कि 'एक्शन अगेस्ट हंगर' के लिए काम करनेवाले कार्यकर्ताओं की मौत युद्धविराम का पूरी तरह उल्लंघन है.

युद्धविराम पर्यवेक्षकों का कहना है कि वे इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि इन लोगों की हत्या के पीछे कोई सशस्त्र गुट नहीं है.

हालांकि एक सरकारी प्रवक्ता ने इन आरोपों का खंडन किया है और इसे पूर्वग्रह से ग्रस्त बताया है.

प्रवक्ता का कहना था,'' हम इसका खंडन करते हैं और यह बयान पूरी तरह आधारहीन है. उन्हें ऐसा बयान देने का कोई अधिकार नहीं है.''

श्रीलंका पर्यवेक्षक दल के प्रमुख मेजर जनरल उल्फ़ हेनरिक्सन ने कहा,'' मेरी इन हत्याओं के संबंध में बेहद विश्वसनीय सूत्रों से बातचीत हुई है और सभी श्रीलंका के सुरक्षाबलों को इन घटनाओं के लिए ज़िम्मेदार मानते हैं.''

घटना

उल्लेखनीय है कि सात अगस्त को 15 लोगों की लाशें श्रीलंका के पूर्वोत्तर मुट्टूर इलाक़े में मिलीं थीं. इन सभी लोगों को नज़दीक से गोली मारी गई थी. इसके बाद दो लाशें और मिलीं थीं.

हत्या की इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय जगत में कड़ी प्रतिक्रिया हुई थीं और श्रीलंका सरकार ने निष्पक्ष जाँच कराने का वादा किया था.

ये घटना उस समय हुई थी जब श्रीलंकाई सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच संघर्ष चल रहा था.

दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर सहायता एजेंसी के कर्मचारियों को मारने का आरोप लगाया था.

एक्शन अगेंस्ट हंगर संस्था का कहना है कि जिन 17 लोगों की हत्या की गई, वे सूनामी से प्रभावित श्रीलंकाई लोगों की मदद में लगे थे.