मंगलवार, 29 अगस्त, 2006 को 06:08 GMT तक के समाचार
नेपाल की उच्चस्तरीय समिति का कहना है कि वह नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र से जल्द पूछताछ की योजना बना रही है. यह समिति लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के ख़िलाफ़ की गई ज़्यादतियों की जाँच कर रही है.
समिति का कहना है कि नरेश से पूछताछ की प्रक्रिया अभी तय नहीं की गई है.
माना जा रहा है कि नेपाल के इतिहास में नरेश से पूछताछ एक अभूतपूर्व क़दम होगा.
इस समिति के एक सदस्य ने बताया कि नेपाल नरेश के मुख्य सचिव पशुपति भक्ता को गुरुवार को बुलाया गया है. हरिहर बिराही ने बीबीसी को बताया कि उनसे नरेश से पूछताछ के तरीके पर बातचीत होगी.
ग़ौरतलब है कि अप्रैल में लोकतंत्र समर्थक और राजा विरोधी व्यापक प्रदर्शन हुए थे जिनके बाद संसद बहाल हुई थी और एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था.
ज़्यादतियों की जाँच
उन प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी, लाठी चार्ज और आँसू गैस के गोले छोड़े जाने की घटनाओं में 21 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे.
इस उच्चस्तरीय समिति ने लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों पर कथित ज़्यादतियों के सिलसिले में कई राजनीतिज्ञों, अधिकारियों और सेना के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की है.
समिति के एक सदस्य का कहना था कि कई लोगों ने पूछताछ के दौरान राजा की ओर इशारा किया है जिसके कारण उनसे पूछताछ की योजना बनाई गई है.
इस उच्चस्तरीय समिति में पाँच सदस्य हैं और इसका नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश कृष्ण जंग रायमांझी कर रहे हैं और इसका कार्यकाल दो सप्ताह में समाप्त होनेवाला है.
ग़ौरतलब है कि नेपाल की संसद ने हाल में नरेश के अधिकारों को और कम करने संबंधी एक क़ानून पारित किया है जिसके तहत अब संसद का सत्र बुलाने या इसे भंग करने का अधिकार नरेश से छीन लिया गया है.
इतना ही नहीं नए क़ानून के तहत संसद जिन क़ानूनों को लागू करेगा उसके लिए राजा की पारंपरिक अनुमति की भी ज़रुरत अब नहीं है.