मंगलवार, 29 अगस्त, 2006 को 06:00 GMT तक के समाचार
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ज़ोर देकर कहा है कि पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया में तब तक प्रगति नहीं हो सकती जब तक वह 'सीमापार से आतंकवाद' ख़त्म करने की इच्छा नहीं दिखाता.
उनका कहना था, " भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर मेरे लिए शांति प्रक्रिया को आगे ले जाने की बात करना मुश्किल है जब निर्दोष भारतीय नागरिक मुंबई, वाराणसी, दिल्ली और अन्य जगहों पर मारे जा रहे हैं."
प्रधानमंत्री का कहना था, "शांति प्रक्रिया तब तक जारी नहीं रह सकती जब तक आतंकवादियों को सीमापार से आर्थिक मदद और प्रोत्साहन मिलता रहता है. ये सब इस बात पर निर्भर है कि पाकिस्तान आतंकवादियों पर लगाम लगाने के लिए कहाँ तक जाना चाहता है."
पाकिस्तान लगातार भारत के इन आरोपों का खंडन करता आया है और हाल में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा था कि पाकिस्तान आतंक के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल है और इस ओर पूरी कोशिशें कर रहा है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्हें हवाना में गुटनिरपेक्ष आंदोलन की बैठक में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से बातचीत करने में कोई आपत्ति नहीं है.
उन्होंने कहा कि देश में माओवादी विद्रोह देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी समस्या है.
उन्होंने उड़ीसा में बाढ़ राहत और पुनर्वास के लिए दो अरब रुपए की मदद की घोषणी भी की है.