रविवार, 27 अगस्त, 2006 को 17:24 GMT तक के समाचार
राजस्थान सरकार ने भरतपुर ज़िले के काँमा कस्बे में पानी की टंकी फटने की घटना की जाँच के आदेश दे दिए हैं.
ग़ौरतलब है कि काँमा कस्बे में पानी की एक टंकी के ढह जाने से 45 लोगों की मौत हो गई थी और 30 लोग घायल हो गए थे.
स्वास्थ्य मंत्री दिगंबर सिंह ने बीबीसी को बताया कि राजस्व विभाग के अध्यक्ष परमेश चंद्र को इस घटना की जाँच की ज़िम्मेदारी सौंपी है.
भरतपुर ज़िले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आनंद श्रीवास्तव ने बीबीसी को बताया कि भरतपुर से 70 किलोमीटर दूर कामा में पानी की एक बड़ी टंकी के छत के टूट जाने से यह हादसा हुआ.
उन्होंने बताया कि वहाँ दंगल का एक कार्यक्रम चल रहा था और बड़ी संख्या में लोग टंकी के ऊपर चढ़कर बैठे हुए थे.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यह टंकी ज़मीन पर ही बनी हुई थी और पहले इस पर कोई 200 लोग बैठे हुए थे. लोगों के मना करने पर कुछ लोग उतर गए पर 100 लोग फिर भी बैठे हुए थे.
अधिकारियों का कहना है कि एकाएक टंकी की छत टूट गई और लोग नीचे गिर पड़े. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पानी की टंकी बहुत पुरानी थी.
मरने वालों में ज़्यादातर लोग 20 से 30 वर्ष की उम्र के हैं. मौतें पानी में डूब जाने या दम घुट जाने से हुई हैं. गाँव के लोगों ने कोई 30 लोगों की बाहर निकालकर उनकी जान बचाई.