शनिवार, 26 अगस्त, 2006 को 20:20 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान सरकार का कहना है कि बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों के साथ हुई एक मुठभेड़ में विद्रोही क़बायली नेता नवाब अकबर बुगटी की मौत हो गई है.
नवाब अकबर बुगटी दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान के सबसे प्रभावशाली क़बायली नेता थे और विद्रोह का नेतृत्व कर रहे थे.
ख़बरों में कहा गया है कि पहाड़ी इलाक़ों में क़बायली चरमपंथियों के साथ हुई मुठभेड़ में दोनों पक्षों को भारी नुक़सान पहुँचा है.
इस्लामाबाद में अधिकारियों ने कहा है कि सुरक्षा बलों के बीस जवान और कम से कम 30 विद्रोही इस मुठभेड़ में मारे गए हैं.
पाकिस्तान के सूचना मंत्री मोहम्मद अली दुर्रानी ने नबाव अकबर बुगती की मौत की पुष्टि करते हुए कहा है, "नवाब बुगती की मुठभेड़ में मौत हो गई है."
अधिकारियों के अनुसार सेटेलाइट फ़ोन से की जा रही बातचीत के विवरण के आधार पर तीन दिन पहले कार्रवाई शुरु की गई थी.
खनिज संपदा
संवाददाताओं का कहना है कि नवाब अकबर बुगटी बलूच क़बायलियों के लंबे समय से चले आ रहे विद्रोह के प्रमुख नेता थे.
बलूचिस्तान में तेल और खनिज उत्पादन में होने वाली आय में हिस्सेदारी भी उनकी माँग का प्रमुख हिस्सा थी.
उल्लेखनीय है कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है और यहाँ सबसे अधिक खनिज संपदा है. यहाँ से पाकिस्तान को तेल का बड़ा हिस्सा मिलता है.
लेकिन कई दशकों से स्थानीय क़बायली लोग पाकिस्तान सरकार के ख़िलाफ़ संघर्ष कर रहे हैं.
उनका आरोप है कि सरकार खनिज और तेल की कमाई तो ले जाती है लेकिन बदले में क्षेत्र को कुछ नहीं मिलता.
अफ़ग़ानिस्तान और ईरान की सीमा पर स्थित इस प्रांत का रणनीतिक महत्व भी बहुत है और व्यावसायिक महत्व भी.
यहाँ अरब सागर में बंदरगाह के निर्माण पर करोंड़ों रुपयों का निवेश किया गया है.