भारत में प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि परमाणु वैज्ञानिक भारत-अमरीका परमाणु सहमति पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इसी सप्ताह राज्यसभा में दिए गए भाषण से सहमत हैं.
ग़ौरतलब है कि शनिवार की शाम भारत के कई वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की.
बैठक में प्रधानमंत्री ने देश के कई वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिकों को बुलाकर यह जानने का प्रयास किया कि किस तरह से कम से कम जोखिम उठाते हुए राष्ट्रीय हित में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में पैदा हुई नई स्थितियों का लाभ उठाया जा सकता है.
कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि इन वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री के इसी हफ़्ते राज्यसभा में दिए गए भाषण का स्वागत किया है.
संसद में इसी सप्ताह की शुरुआत में अमरीका के साथ परमाणु सहमति पर अपना भाषण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत दुनिया की पाँच परमाणु शक्तियों के साथ बराबरी के स्तर पर खड़ा हुआ है और उसने अपने रणनीतिक निर्णय लेने की स्वतंत्रता भी क़ायम रखी है.
'अच्छा बयान'
बताया गया है कि इन वैज्ञानिकों में से एक डॉक्टर एमआर श्रीनिवासन ने कहा, "आपका (प्रधानमंत्री का) बयान काफ़ी अच्छा था. हमने इसे पसंद किया है."
वैज्ञानिकों ने परमाणु सहमति के मूल स्वरूप में अमरीकी संसद की ओर से प्रस्तावित बदलावों को लेकर अपनी चिंता को प्रधानमंत्री से सामने दोहराया जिसपर प्रधानमंत्री ने एक बार फिर कहा कि वो संसद के सामने कही गई बातों से पीछे नहीं हटेंगे.
90 मिनट चली इस बैठक में प्रधानमंत्री ने कई मुद्दों पर इन वैज्ञानिकों से चर्चा की. बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने परमाणु ऊर्जा विभाग और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को निर्देश दिए हैं कि वो इन वैज्ञानिकों से संपर्क बनाए रखें.
यह भी कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ भारत के लिए विशेष प्रोटोकॉल के निर्धारण में और परमाणु मसले पर सहमति के दौरान ध्यान देने योग्य बातों को समझने के लिए इन वैज्ञानिकों से सलाह ली जाए.