बुधवार, 23 अगस्त, 2006 को 10:16 GMT तक के समाचार
हंगामा खड़ा करने के लिए हिटलर का नाम ही काफ़ी है, इस बार हंगामा हुआ है मुंबई में जहाँ हिटलर के नाम पर एक रेस्तराँ खुलने से लोग नाराज़ हैं.
यहूदी लोग नहीं चाहते कि उनके समुदाय पर ज़ुल्म ढाने वाले हिटलर की कोई भी निशानी शहर में रहे.
मुंबई के बाहरी इलाके में 'हिटलर्स क्रॉस' नाम से खुले इस रेस्तराँ के बाहर हिटलर का बड़ा पोस्टर लगाया गया है.
भारतूय यहूदी एसोसिएशन के अध्यक्ष जॉनथन सोलोमन ने कहा कि "शहर के यहूदी खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं. यहूदी चाहते हैं कि रेस्तरां का नाम बदल दिया जाए."
मुंबई में यहूदियों की संख्या पाँच हज़ार ही है लेकिन ये शहर में काफी रसूख रखते हैं.
रेस्तराँ के मालिकों का कहना है कि हिटलर का पोस्टर तो हटा लिया गया है लेकिन नाम नहीं बदला जाएगा.
सोलोमन का कहना है कि "मानवता के विरुद्ध काम करने वाले अपराधी के नाम पर कैसे कोई रेस्तराँ का नाम रख सकता है. हम हिटलर के कुकृत्यों के बारे में रेस्तराँ के मालिकों को बता रहे हैं और हमें विश्वास है कि वो रेस्तराँ का नाम बदल देगें."
रेस्तराँ के मालिक पुनीत सबलोक ने कहा कि "हमें यहूदियों से पूरी सहानभूति है लेकिन हम रेस्तराँ का नाम नहीं बदलेगें."
सबलोक ने कहा कि "मेरे ग्राहकों को नाम से कोई समस्या नहीं है बल्कि वो तो खुश हैं.जिस तरह हिटलर दुनिया जीतकर शंहशाह बनना चाहता था वैसे ही हम अपने क्षेत्र के बादशाह बनना चाहते हैं."
सबलोक ने कहा कि उसके यहाँ हिटलर का कोई फोटो नहीं है और वो इस जर्मन नेता के विचारों को किसी भी तरह से बढ़ावा नहीं दे रहा.
मुख्य द्वार पर हिटलर के एक बड़े फोटो के बारे में पूछे जाने पर सबलोक ने कहा कि ये पोस्टर रेस्तराँ के उदघाटन के समय लगाया गया था जिसे अब हटा लिया गया है.
वे कहते हैं, "हिटलर और उसके विचारों को बढ़ावा देने वाली कोई भी चीज हमारे रेस्तराँ में नहीं है. सिर्फ रेस्तराँ का नाम ही 'हिटलर्स क्रॉस' है."
सोलोमन ने कहा कि यदि रेस्तराँ के मालिक उनकी माँग नहीं माँगते तो वे सरकार से अपील करेगें कि रेस्तराँ का लाइसेंस रद्द कर दिया जाए और साथ ही वे मामला पुलिस में दर्ज कराने की योजना बना रहे हैं.