मंगलवार, 22 अगस्त, 2006 को 05:56 GMT तक के समाचार
फ़ैसल मोहम्मद अली
बीबीसी संवाददाता, भोपाल
मध्य प्रदेश में भोपाल से लगभग 250 किलोमीटर दूर सागर ज़िले में एक महिला के 'सती' होने का मामला सामने आया है.
सागर ज़िले के पुलिस प्रमुख शाहिद अबसार ने बताया कि जनकरानी नामक एक महिला सोमवार को अपने पति प्रेम नारायण के अंतिम संस्कार के वक़्त 'सती' हो गई.
उनका कहना था कि जब पति प्रेम नारायण का अंतिम संस्कार चल रहा था, उस वक्त जनकरानी चिता में कूद गई.
पुलिस प्रमुख का कहना था कि अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है कि किसी ने उसे ज़बरदस्ती सती होने पर मजबूर किया और लगता है कि यह जनकरानी का अपना फ़ैसला था.
लेकिन उन्होंने कहा कि इस मामले की मजिस्ट्रेट और पुलिस जाँच करेगी. समझा जा रहा है कि महिला की उम्र लगभग 45 वर्ष थी.
गाँववालों का कहना है कि प्रेमनारायण की सोमवार को मौत हो जाने के बाद उनकी चिता को अग्नि देने के बाद लोग चले गए थे.
बाद में जनकरानी कुछ काम पर जाने की बात कहकर घर से चली गई और जब बहुत देर तक वो नहीं लौटी तो लोगों ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में उसे भी पति की चिता पर पाया.
देवराला प्रकरण
उल्लेखनीय है कि 1987 में राजस्थान के सीकर ज़िले में 18 वर्षीय रूप कंवर को कुछ लोगों ने अपने पति की चिता के साथ जलकर मरने पर मजबूर कर दिया था. इस मामले ने ख़ासा तूल पकड़ा था.
पुलिस ने रूप कंवर के ससुर, सुमेर सिंह और देवर, पुष्पेंद्र सिंह पर ज़बरदस्ती रूप कंवर को उसके पति की चिता पर बैठाने का आरोप लगाया था.
लेकिन स्थानीय अदालत ने 1996 में इन आरोपों से 32 लोगों को बरी कर दिया था.
इसके बाद सरकार ने क़ानून में संशोधन कर सती के लिए प्रेरित करवाने पर मौत की सज़ा का प्रावधान कर दिया है.