सोमवार, 21 अगस्त, 2006 को 10:48 GMT तक के समाचार
दक्षिणी नेपाल में माओवादी विद्रोहियों और हिंदू राष्ट्रवादियों के बीच तनाव बढ़ गया है. दक्षिणपंथी हिंदू संगठन शिवसेना नेपाल की एक बैठक के दौरान माओवादी पहुँच गए और हंगामा खड़ा हो गया.
दरअसल नेपाल के हिंदू राष्ट्र का दर्जा ख़त्म करने के ख़िलाफ़ हिंदू संगठन बैठक कर रहे थे. पिछले दिनों नेपाली संसद ने ये घोषणा की थी कि नेपाल अब हिंदू राष्ट्र नहीं.
इससे देश के हिंदूवादी संगठन नाराज़ हैं. उन्होंने राजधानी काठमांडू में कई सभाएँ और विरोध प्रदर्शन किए हैं. भारत की सीमा से लगे दक्षिणी नेपाल के कई इलाक़ों में भी प्रदर्शन हुए हैं.
दक्षिणी नेपाल के भैरहवा शहर में रविवार की बैठक के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब काले झंडे लिए हुए माओवादी वहाँ पहुँच गए और माइक्रोफ़ोन तक छीन लिया.
प्रतिक्रिया
माओवादियों ने आरोप लगाया कि बैठक राजशाही के समर्थन में है. उसके बाद माओवादियों ने सड़कें जाम कर दी और टायर जलाए.
इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवसेना नेपाल के चेयरमैन ने चेतावनी दी है कि वे नेपाल के हिंदू राष्ट्र का दर्जा बहाल करने के लिए सशस्त्र धार्मिक आंदोलन शुरू कर सकते हैं.
बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हैविलैंड का कहना है कि कई प्रदर्शनकारी ऐसे थे, जो भारत से नेपाल पहुँचे हैं और जो ये कहते हैं कि नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र दुनियाभर के हिंदुओं के राजा हैं.
लेकिन नेपाल के अन्य हिंदुओं का भी मानना है कि हिंदू राष्ट्र का दर्जा ख़त्म करने की घोषणा करना ज़रूरी नहीं था. लेकिन देश के धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यों ने इस क़दम का स्वागत किया है.
नेपाल में 80 प्रतिशत आबादी हिंदुओं की है. लेकिन यहाँ बौद्ध धर्म मानने वालों की संख्या भी कम नहीं.