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रविवार, 20 अगस्त, 2006 को 02:59 GMT तक के समाचार

नगेंदर शर्मा
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

किताब में राज़ खोलेंगे नटवर सिंह

भारत के पूर्व विदेशमंत्री और फ़िलहाल कांग्रेस से निलंबित नेता नटवर सिंह ने कहा है कि वो जल्द ही एक किताब लिखेंगे जिसमें वोल्कर रिपोर्ट से संबंधित कई बातों का पर्दाफ़ाश करेंगे.

बीबीसी से ख़ास बातचीत में नटवर सिंह ने कहा कि किताब के ज़रिए इस बात को भी सामने लाया जाएगा कि दुनियाभर में केवल भारत ही एक ऐसा देश क्यों है जहाँ सरकार ने इस रिपोर्ट को संज्ञान में लिया है और उसके आधार पर कार्रवाई की है.

नटवर सिंह कहते हैं, "पॉल वोल्कर ने ख़ुद कहा था कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान को परेशानियों से बचाने के लिए इस रिपोर्ट में बदलाव किए हैं. इससे यह तो स्पष्ट है कि रिपोर्ट निष्पक्ष नहीं थी. दुनियाभर में भारत के अलावा किसी दूसरे देश की सरकार ने इस अस्पष्ट रिपोर्ट को गंभीरता से नहीं लिया."

वे कहते हैं, "मैं या मेरी पार्टी का नाम वोल्कर की पहली चार रिपोर्टों में नहीं है. मेरा नाम फ़रवरी 2005 में सामने आया. नाम पाँचवी रिपोर्ट में था और वह भी ग़लत. रिपोर्ट में मेरा नाम नटोरा सिंह बताया गया था. इसके बाद मैं अप्रैल और जून 2005 में वहाँ गया पर इस रिपोर्ट और मेरे नाम के बारे में कुछ भी चिंता नहीं की गई."

उन्होंने कहा कि इस ग़लती के बारे में अगर उस वक्त जानकारी होती तो इसे वहीं सुधारा जा सकता था.

वोल्कर रिपोर्ट के आरोपों पर पाठक आयोग की जाँच के बाद नटवर सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है.

आगे की रणनीति

नटवर सिंह ने बताया कि सबसे पहले तो उन्हें उस कारण बताओ नोटिस का जवाब अपनी पार्टी को देना है जो उन्हें निलंबन के वक्त दिया गया था.

उन्होंने कहा, "मैं अपने जवाब में किसी की बुराई नहीं करने जा रहा हूँ पर जो सच है उसे सामने लाने से नहीं डरूँगा. जिस कमेटी की ओर से मुझे नोटिस दिया गया है उसमें दो सदस्य तो ऐसे भी हैं जो पहले कांग्रेस का साथ छोड़कर अपनी नई पार्टियाँ तक बना चुके हैं."

नटवर सिंह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधने से भी नहीं चूके.

उन्होंने कहा कि 70 वर्ष से ज़्यादा उम्र के लोगों को राजनीति से संन्यास ले लेने की सलाह वाले उनके बयान पर पार्टी के एक नेता ने कहा है कि वे राजनीति छोड़ दें पर अगर ऐसा है तो ध्यान रहना चाहिए कि मनमोहन सिंह की उम्र 74 वर्ष है.

उन्होंने इस बात पर भी नाराज़गी ज़ाहिर की कि प्रधानमंत्री ने अपनी ही कैबिनेट में विदेश मंत्री की हैसियत से काम कर रहे एक नेता को अपनी बात रखने का मौक़ा तक नहीं दिया.

उन्होंने कहा कि कैबिनेट का प्रमुख होने के नाते अपने एक साथी के साथ ऐसा करना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता.