शुक्रवार, 18 अगस्त, 2006 को 10:51 GMT तक के समाचार
असम के अलगाववादी संगठन उल्फ़ा ने कहा है कि वह भारत सरकार की पहल पर सकरात्मक रूख़ के साथ बातचीत करेगा.
उल्फा के प्रमुख अरबिंद राजखोआ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत सरकार अगर असम स्थायी युद्धविराम लागू करना चाहती है तो उल्फा की ओर से इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया होगी.
उल्फ़ा का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब शुक्रवार को उसके दो प्रतिनिधियों ने गृह सचिव वीके दुग्गल सहित केंद्र सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से दिल्ली में बातचीत की है.
उल्फ़ा की ओर से मध्यस्थ की भूमिका निभा रही असमिया साहित्यकार इंदिरा गोस्वामी और उद्योगपति रेबती फुकन के साथ बातचीत को केंद्रीय गृह सचिव ने बहुत ही संतोषजनक बताया है.
उल्फ़ा की ओर से बातचीत में हिस्सा लेने वाले दोनों प्रतिनिधियों ने यह बताने से इनकार कर दिया कि बंद कमरे में केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों से क्या बातचीत हुई.
सीधी वार्ता
इंदिरा गोस्वामी ने बीबीसी से बातचीत में इतना ही कहा, "बातचीत सही दिशा में चल रही है और असम में शांति स्थापना होगी."
जानकारों का कहना है कि इस बातचीत में उल्फ़ा की ओर से जेल में बंद अपने पाँच प्रमुख नेताओं की रिहाई की माँग भी ज़रूर उठाई गई होगी लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है.
मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे रेबती फुकन ने पत्रकारों को बताया कि "आज की बातचीत में ऐसी स्थितियाँ तैयार करने पर चर्चा हुई जिससे उल्फ़ा को सरकार के साथ वार्ता की मेज़ पर लाया जा सके."
संभावना व्यक्त की जा रही थी उल्फ़ा और भारत सरकार के बीच सीधी वार्ता शुरू हो सकती है लेकिन अभी तक ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है.