भारत में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सांसदों के वेतन में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है.
संसदीय कार्य मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने पत्रकारों को बताया कि सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन में वृद्धि के लिए एक समिति गठित की गई थी जिसके सुझावों को सिद्धांत रूप में स्वीकार कर लिया गया है.
उन्होंने कहा कि सांसदों के वेतन में चार हज़ार रूपए तक की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय ने मंज़ूरी दे दी है लेकिन भत्तों को लेकर अभी कुछ आपत्तियाँ हैं.
इस प्रस्ताव में सांसदों का वेतन 12 हज़ार रूपए से बढ़ाकर 16 हज़ार रूपए करने की बात कही गई है.
संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि इस प्रस्ताव को एक विधेयक के रूप में संसद की मंज़ूरी के लिए पेश किया जाएगा.
दासमुंशी ने बताया कि इस विधेयक को पारित कराने की समय सीमा 14 सितंबर 2006 तक है.
उन्होंने बताया कि इस वेतन-भत्ता वृद्धि से सरकारी ख़ज़ाने पर 60 करोड़ रूपए का बोझ पड़ेगा.
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि "भारतीय सांसदों को दुनिया के दूसरे देशों के मुक़ाबले सबसे कम वेतन मिलता है, वे बहुत बड़े जनसमुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं इसलिए उनके ख़र्चों का ध्यान रखा जाना चाहिए."
उन्होंने कहा सरकार सांसदों के वेतन के बारे में एक स्थायी व्यवस्था कायम करना चाहती है ताकि इस तरह बार-बार विधेयक लाने की ज़रूरत न पड़े.
दासमुंशी का कहना था कि 15वीं लोकसभा से स्थायी व्यवस्था लागू हो जाएगी, उन्होंने कहा कि इसका सुझाव लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी की ओर से आया है और इस पर विचार चल रहा है.
अगली वेतन वृद्धि पाँच वर्ष के लिए लागू की जाएगी.