गुरुवार, 17 अगस्त, 2006 को 22:18 GMT तक के समाचार
असित जौली
बीबीसी संवाददाता, चंडीगढ़
पाकिस्तान में फाँसी की सज़ा का सामना कर रहे भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने गुरुवार को आत्महत्या करने की कोशिश की.
दलबीर कौर काफ़ी समय से सरबजीत सिंह की रिहाई की कोशिशों में लगीं थीं.
उनके परिवारवालों का कहना है कि दलबीर कौर ने गुरुवार को पंजाब के अपने गाँव भिखीविंड में ज़हर खा लिया और उन्हें अचेत अवस्था में पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
परिवारवालों ने पत्रकारों को बताया कि तीन दिन पहले उन्हें सरबजीत सिंह का एक पत्र मिला था, उसके बाद से वो अवसाद में थीं.
सरबजीत सिंह की बेटी और दलबीर कौर की भतीजी स्वप्नदीप कौर का कहना था कि उनकी बुआ पिता की सज़ा के कारण परेशान थी.
सरबजीत सिंह का मामला
ग़ौरतलब है कि कुछ समय पहले सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने वाघा सीमा पर जाकर पाकिस्तान के राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा था.
इस ज्ञापन में उनसे मानवीय आधार पर सरबजीत सिंह को रिहा करने का अनुरोध किया था.
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में कई बम विस्फोटों के आरोप में सरबजीत सिंह को फाँसी की सज़ा सुनाई गई है. पाकिस्तान में इस व्यक्ति को मनजीत सिंह बताया जा रहा है.
उन पर जासूसी और 1990 में कई बम धमाके करवाने का आरोप है जिसमें 14 लोग मारे गए थे.
लेकिन सरबजीत के परिवारवालों का कहना है कि वो एक निर्दोष किसान हैं और उनको भूल से कोई और समझकर पकड़ लिया गया है.
सरबजीत सिंह को 1990 में लाहौर और फ़ैसलाबाद में हुए चार बम धमाकों के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया था.
उनपर लाहौर की एक अदालत में मुक़दमा चला और 1991 में उनको मौत की सज़ा सुना दी गई. निचली अदालत की ये सज़ा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी बहाल रखी.