मंगलवार, 15 अगस्त, 2006 को 17:59 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और युद्ध विराम पर्यवेक्षकों ने श्रीलंका सरकार के इस दावे को ठुकरा दिया है कि सोमवार को हवाई हमले में मारे गए बच्चे दरअसल बाल सैनिक थे.
यूनीसेफ़ और स्वीडेन के नेतृत्ववाले युद्धविराम पर्यवेक्षकों ने घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि हमले का निशाना स्कूली बच्चे बने हैं.
इसके पहले तमिल विद्रोहियों ने सरकार पर आरोप लगाया था कि उसने एक अनाथालय पर बमबारी की है जिसमें 61 स्कूली बच्चों की मौत हो गई.
लेकिन मंगलवार को श्रीलंका सरकार ने अपने इस दावे को दोहराया कि उसने विद्रोहियों के एक ठिकाने को निशाना बनाया था.
श्रीलंका ने सोमवार की सुबह विद्रोहियों के नियंत्रणवाले मुलाईतुवु ज़िले के उत्तरी हिस्से पर हमला किया था. इस इलाक़े में बाद में यूनीसेफ़ का एक दल गया था.
यूनीसेफ़ की एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि हमने पाया कि हवाई हमले में घायल स्कूली बच्चे थे.
प्रवक्ता का कहना था कि उनके दल ने स्थानीय अस्पताल का दौरा किया है जहाँ 100 से अधिक घायल बच्चों का इलाज चल रहा है. इनमें से ज़्यादातर 16 से 19 साल की लड़कियाँ हैं.
इस क्षेत्र का दौरा कर लौटे श्रीलंका के युद्धविराम मिशन के प्रवक्ता ने कहा कि इस इलाक़े से विद्रोही गतिविधियों के कोई संकेत नहीं मिले हैं.
श्रीलंका सरकार का कहना है कि उसने तमिल विद्रोहियों के एक शिविर पर बमबारी की थी.
श्रीलंका में वर्ष 2002 में एलटीटीई और सरकार के बीच युद्धविराम समझौता होने के बाद पिछले महीने से ही दोनों पक्षों के बीच कई मोर्चे खुल चुके हैं.