रविवार, 13 अगस्त, 2006 को 18:55 GMT तक के समाचार
भारत सरकार ने घोषणा की है कि पूर्वोत्तर राज्य असम में अलगाववादी विद्रोहियों के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई 10 दिनों के लिए रोकी जा रही है.
असम के मुख्य सचिव एसके कबीलान ने बीबीसी को बताया कि यह क़दम अलगाववादी विद्रोहियों और सरकार के बीच शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए उठाया गया है.
यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम यानी उल्फ़ा ने माँग की थी कि केंद्र सरकार सीधी बातचीत से पहले भारतीय सेना की कार्रवाई पर रोक लगाए.
केंद्र सरकार और उल्फ़ा के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत पिछले साल अक्तूबर में शुरू हुई थी. लेकिन अभी तक बातचीत से कोई ख़ास नतीजा नहीं निकल पाया है.
बातचीत
इस साल जून में भी उल्फ़ा के प्रतिनिधियों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और वकीलों ने गृह मंत्री शिवराज पाटिल से मुलाक़ात की थी.
लेकिन अभी तक उल्फ़ा विद्रोहियों और केंद्र सरकार के बीच सीधी बातचीत नहीं हुई है.
केंद्र सरकार की इस पहल पर अभी उल्फ़ा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन राज्य के मुख्य सचिव कबीलान ने बताया कि उल्फ़ा के प्रतिनिधि केंद्र सरकार से संपर्क में हैं.
पिछले एक सप्ताह के दौरान असम में कई बम धमाके हुए जिनमें 10 लोग मारे गए और 50 लोग घायल हुए.
संवाददाताओं का कहना है कि अलगाववादियों के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई रोकने का भारत सरकार का फ़ैसला सामान्य नहीं है क्योंकि आम तौर पर स्वतंत्रता दिवस समारोहों से पहले राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाती थी.