बुधवार, 09 अगस्त, 2006 को 14:57 GMT तक के समाचार
केरल सरकार ने शीतल पेय के दो मुख्य ब्रांड कोका कोला और पेप्सी में कीटनाशकों की मात्रा होने के विवाद के बाद इनकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है.
ग़ौरतलब है कि हाल ही में ग़ैर सरकारी संगठन 'सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट' ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि इन शीतल पेयों में हानिकारक कीटनाशकों की मात्रा पहले से बढ़ गई है जो स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है.
केरल के मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पेप्सी और कोकाकोला की बिक्री के साथ-साथ राज्य में इनके उत्पादन पर भी प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया गया.
मुख्यमंत्री अच्युतानंदन ने कहा कि प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार सभी क़ानूनी और प्रशासनिक क़दम उठाएगी.
उनका कहना था कि पहले भी कई रिपोर्टों में ये कहा गया है कि शीतल पेय की बोतलों में ऐसे तत्व मिले हैं जो मानव स्वास्थ्य को नुक़सान पहुँचाते हैं.
उन्होंने बताया कि रविवार को सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे की बैठक में शीतल पेयों पर प्रतिबंध लगाने की सिफ़ारिश की गई थी.
विवाद
केरल में कोका कोला के प्लांट को लेकर एक पुराना विवाद भी है.
प्लाचिमाड़ा गाँव के लोगों का कहना है कि कंपनी के प्लांट से वहाँ भूमिगत जल स्तर क़ाफ़ी नीचे चला गया है.
इसको लेकर कंपनी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन भी हो चुके हैं.
केरल के पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी राज्य सरकार ने सरकारी प्रतिष्ठानों, अस्पतालों और स्कूलों में शीतल पेयों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है.
हालाँकि शीतल पेय बनाने वाली कंपनियाँ अपने उत्पादों में कीटनाशक होने के आरोपों को ख़ारिज करती रही हैं.
बुधवार को 'इंडियन सॉफ्ट ड्रिंक्स मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन' ने एक बयान जारी कर दोहराया कि ये कंपनियाँ तय सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखती हैं.
एसोसिएशन ने कहा है कि उन्हें केरल सरकार ने अपने फ़ैसले के बारे में अभी तक कोई सूचना नहीं दी है.